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Garuda Purana : गरुण पुराण क्या है, क्यों किया जाता है इसका पाठ? जानिए

जीवांजलि धार्मिक डेस्क Published by: कोमल Updated Fri, 05 Jul 2024 11:11 AM IST
सार

Garuda Purana : गरुण पुराण हिन्दु धर्म का एक पुराण है इस पुराण का पाठ व्यक्ति के मृत्यु का बाद कराया जाता है। इस पुराण में  भगवान विष्णु द्वारा मृत्यु और मृत्यु केे बाद की घटनाओं के बारे में बताया गया है।

गरुण पुराण क्या है,
गरुण पुराण क्या है,- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Garuda Purana : गरुण पुराण हिन्दु धर्म का एक पुराण है इस पुराण का पाठ व्यक्ति के मृत्यु का बाद कराया जाता है। इस पुराण में  भगवान विष्णु द्वारा मृत्यु और मृत्यु केे बाद की घटनाओं के बारे में बताया गया है। ये पाठ व्यक्ति के घर पर पूरे 13 दिन तक चलता है चलिए आपको बताते हैं कि गरुण पुराण क्या है और क्यों कराया जाता है गरुण पुराण का पाठ।
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गरुड़ पुराण क्या है?

गरुड़ पुराण वैष्णव संप्रदाय से संबंधित ग्रंथ है। कहा जाता है कि एक बार पक्षीराज गरुड़ ने भगवान विष्णु से प्राणियों की मृत्यु, यमलोक यात्रा, नरक-योनि और आत्मा की मुक्ति के बारे में कई गूढ़ और रहस्यमय प्रश्न पूछे। भगवान विष्णु ने गरुड़ के इन प्रश्नों का विस्तार से उत्तर दिया। प्रश्न-उत्तरों की इसी श्रृंखला को गरुड़ पुराण कहा जाता है। इसमें स्वर्ग-नरक, पाप-पुण्य, पुनर्जन्म आदि के अलावा ज्ञान, विज्ञान, नीति, नियम और धर्म आदि से जुड़ी बातें बताई गई हैं। एक ओर अगर गरुड़ पुराण मृत्यु का रहस्य बताता है तो दूसरी ओर इसमें सफल जीवन का रहस्य भी छिपा है। इसके पाठ से कई शिक्षाएं मिलती हैं और व्यक्ति को मृत्यु से पहले और बाद की स्थिति के बारे में पता चलता है, जिससे वह अच्छे और पुण्य कर्म करता है। 

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मृतक के घर पर क्यों किया जाता है गरुड़ पुराण का पाठ 

गरुड़ पुराण का पाठ गरुड़ पुराण मृत्यु से पहले और बाद की स्थिति के बारे में बताता है। मान्यता है कि मृत्यु के बाद मृतक की आत्मा 13 दिनों तक परिवार के साथ रहती है। ऐसे में जब मृतक के घर पर गरुड़ पुराण का पाठ किया जाता है तो उसे स्वर्ग-नर्क, मोक्ष, पतन, दुख आदि के बारे में पता चलता है। साथ ही उसे यह भी पता चलता है कि रास्ते में उसे किन चीजों का सामना करना पड़ेगा और अपने कर्मों के अनुसार वह किस लोक में जाएगा। साथ ही जब मृतक के घर पर गरुड़ पुराण का पाठ किया जाता है तो घर के सभी लोग एक साथ बैठकर इसे सुनते हैं। ऐसे में परिवार को यह भी पता चलता है कि कौन से कर्म नर्क की ओर ले जाते हैं और कौन से कर्म मोक्ष की ओर ले जाते हैं।
 

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