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Shaligram Bhagwan: जानिए कौन हैं भगवान शालिग्राम, क्यों की जाती है इनकी पूजा?

जीवांजलि धर्म डेस्क Published by: निधि Updated Fri, 14 Jun 2024 01:39 PM IST
सार

Who is Shaligram: हिंदू धर्म में भगवान शालिग्राम की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार शालिग्राम जी जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु का विग्रह रूप हैं।

Who is Shaligram:
Who is Shaligram:- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Who is Shaligram: हिंदू धर्म में भगवान शालिग्राम की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार शालिग्राम जी जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु का विग्रह रूप हैं। वे काले रंग के गोल चिकने पत्थर के रूप में हैं। इनसे तुलसी जी का विवाह होता है। हिंदू धर्म को मानने वाले अधिकांश लोगों के पूजा स्थल में शालिग्राम जी स्थापित होते हैं। मान्यता है कि जिन घरों में नियमित रूप से शालिग्राम जी की पूजा होती है, वहां भगवान विष्णु की कृपा हमेशा बनी रहती है। इन्हें घर में रखने और नियमित रूप से इनकी पूजा करने से कई तरह की समस्याओं से मुक्ति मिलती है। साथ ही घर में सुख-समृद्धि आती है। तो चलिए आज जानते हैं भगवान विष्णु के शालिग्राम रूप के बारे में कुछ रोचक तथ्य...
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कौन हैं शालिग्राम

धार्मिक मान्यता के अनुसार शालिग्राम भगवान विष्णु का मूर्ति रूप है। ये नेपाल में गंडक नदी के तल में पाए जाते हैं। शालग्राम नामक स्थान पर भगवान विष्णु का मंदिर है, जहाँ उनके इस रूप की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि इस गाँव के नाम के कारण ही इनका नाम शालिग्राम पड़ा।
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शालिग्राम के विविध रूप

पुराणों में 33 प्रकार के शालिग्राम का उल्लेख मिलता है, जिनमें से 24 प्रकार के शालिग्राम भगवान विष्णु के 24 अवतारों के प्रतीक माने जाते हैं। उदाहरण के लिए, यदि शालिग्राम का आकार गोल है, तो इसे भगवान का गोपाल रूप माना जाता है। वहीं, मछली के आकार वाले लंबे शालिग्राम मत्स्य अवतार के प्रतीक हैं। इसके अलावा कछुए के आकार वाले शालिग्राम को विष्णु के कच्छप या कूर्म अवतार का प्रतीक माना जाता है।

घर में शालिग्राम रखने के लाभ

- शास्त्रों में कहा गया है कि जिन घरों में प्रतिदिन तुलसी जी के साथ शालिग्राम पत्थर की पूजा की जाती है, वहां दरिद्रता कोसों दूर रहती है। साथ ही परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

- हर साल कार्तिक मास में श्री शालिग्राम और तुलसी का विवाह होता है। धरती पर पत्थर के रूप में रहने वाले भगवान विष्णु शालिग्राम का तुलसी के साथ विवाह कराने से घर में व्याप्त धन की कमी, दुख-दर्द और बीमारियां भी दूर हो जाती हैं।

- पुराणों में कहा गया है कि जिस घर में भगवान शालिग्राम होते हैं, वह घर सभी तीर्थों से भी श्रेष्ठ होता है। इनके दर्शन और पूजन से सभी सुखों का सुख प्राप्त होता है। यह भी कहा जाता है कि जहां भगवान शालिग्राम की पूजा होती है, वहां भगवान विष्णु के साथ धन की देवी मां लक्ष्मी भी निवास करती हैं।

- वहीं शालिग्राम पत्थर का जल अपने ऊपर छिड़कने से सभी यज्ञ करने और सभी तीर्थों में स्नान करने के समान फल मिलता है।

- वास्तु शास्त्र के अनुसार जिस घर में नियमित रूप से शालिग्राम की पूजा होती है, वहां वास्तु दोष और बाधाएं स्वतः ही समाप्त हो जाती हैं। इसके अलावा जो कोई भी व्यक्ति नियमित रूप से शालिग्राम पत्थर का जल से अभिषेक करता है, उसे सभी सुख प्राप्त होते हैं।
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