Lalita Saptami Puja: ललिता सप्तमी का पर्व भगवान कृष्ण और राधा रानी की सबसे प्रिय सखी ललिता देवी को समर्पित है। यह दिन राधा अष्टमी से ठीक एक दिन पहले मनाया जाता है। इस दिन ललिता देवी की पूजा करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।
Lalita Saptami 2025 Mantra Jaap: हिन्दू धर्म में ललिता सप्तमी का पर्व भगवान कृष्ण और राधा रानी की सबसे प्रिय सखी ललिता देवी को समर्पित है। यह दिन भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है, और यह राधा अष्टमी से ठीक एक दिन पहले आता है। ललिता देवी को राधा रानी की सबसे प्रमुख सखियों में से एक माना जाता है, जिन्हें अष्टसखी के नाम से जाना जाता है। ललिता देवी राधा और कृष्ण के दिव्य प्रेम और लीलाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थीं। उनका जन्म उत्सव, ललिता सप्तमी, उनके प्रति सम्मान और भक्ति को दर्शाता है।
मान्यता है कि इस दिन ललिता देवी की पूजा करने से राधा रानी और भगवान कृष्ण दोनों प्रसन्न होते हैं। ललिता सप्तमी पर पूजा करने से पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम, सहयोग और सौभाग्य बना रहता है। कई मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से निसंतान दंपत्तियों को संतान का आशीर्वाद मिलता है। अगर आप ललिता सप्तमी के दिन पूजा करते हैं, तो इन मंत्रों का जाप जरूर करें। इन मंत्रों का जाप करने से घर में खुशहाली आती है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
ललिता सप्तमी के मंत्र
ललिता कवच
यह कवच मंत्र बहुत ही शक्तिशाली है और इसका जाप करने से हर तरह की कामना पूरी होती है। इस मंत्र का जाप करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और व्यक्ति को हर क्षेत्र में सफलता मिलती है। मंत्र: येन देवासुर नर जय साधक सदा सर्वतः सर्वदात्मा ललिता पातु सर्वगा। कामे पुरतः पातु भगमाले तनंतरम दिशंपातु तथा दक्षा पार्श्वमे पातु सर्वदा नित्यनाथ भेरुंडा दिशं में पातु।
सरल मंत्र
अगर आप बड़े मंत्रों का जाप नहीं कर सकते हैं, तो आप इस सरल मंत्र का जाप कर सकते हैं। इस मंत्र का जाप करने से मन को शांति मिलती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मंत्र: ॐ श्री ललिता देव्यै नमः।
प्रार्थना मंत्र
यह मंत्र पूजा के बाद माफी मांगने और देवी से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए है। इस मंत्र का जाप करने से देवी ललिता आपकी सभी गलतियों को माफ करती हैं और आपको आशीर्वाद देती हैं। मंत्र: अपराध सहस्राणि क्रियन्तेऽहर्निशं मया। दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वरी। आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्। पूजाविधिं न जानामि क्षमस्व परमेश्वरी।
मंत्र जाप की सही विधि
ललिता सप्तमी के दिन पूजा के समय मंत्र जाप का पूरा फल तभी मिलता है जब आप इसे सही विधि से करें। सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। पूजा स्थल पर ललिता देवी की प्रतिमा या तस्वीर के सामने बैठें। पूजा शुरू करने से पहले, हाथ में जल लेकर अपनी कामना का संकल्प लें। इन मंत्रों का जाप रुद्राक्ष या तुलसी की माला से करें। कम से कम 108 बार जाप करना बहुत शुभ माना जाता है। मंत्रों का जाप करते समय मन में कोई नकारात्मक विचार न लाएं और पूरी श्रद्धा के साथ ध्यान करें।