छोटी दिवाली से एक दिन पहले धनतेरस मनाया जाता है। धनतेरस के दिन लक्ष्मी जी , कुबेर महाराज और धन्वंतरि देव, की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन लोग बर्तन और और सोना चांदी भी खरीदते हैं
दिवाली की शुरुआत धनतेरस के दिन से हो जाती है इस दिन से अगले पांच दिनो तक दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। आपको बता दें कि धनतेरस का हिन्दु धर्म में बहुत अधिक महत्व माना गया है। छोटी दिवाली से एक दिन पहले धनतेरस मनाया जाता है। धनतेरस के दिन लक्ष्मी जी , कुबेर महाराज और धन्वंतरि देव, की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन लोग बर्तन और और सोना चांदी भी खरीदते हैं इसके साथ ही ऐसा कहा जाता है कि इस दिन हम जो भी खरीदते हैं उससे हमारी चल-अचल संपत्ति में तेरह गुणा बढ़ोतरी होती है। इसके साथ ही इस दिन झाड़ू खरीदने का विशेष महत्व बताया गया है चलिए आपको बताते हैं कि धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने का क्या महत्व है धनतेरस के दिन झाड़ू क्यों खरीदी जाती है?
धनतेरस के दिन लोग अपने घर के लिए खरीददारी करते हैं इस दिन चांदी और सोने की चीजें खरीदने का महत्व है इसके साथ ही इस दिन झाड़ू खरीदकर घर लाने का भी विशेष महत्व है। पुराणों के अनुसार झाड़ू को मां लक्ष्मी का ही प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन झाड़ू खरीदकर घर लाने से बरकत आती है और आर्थिक परेशानियों से भी निजात मिलता है धनतेरस के दिन सिंक और फूल की झाड़ू खरीदना बहुत ही शुभ माना जाता है। झाड़ू घर लाने के बाद क्या करें ?
जब आप झाड़ू घर ले आएं उसपर सफेद रंग का धागा बांध दें और झाड़ू को साफ हाथों से ही छुए ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा आप पर बरसती हैं
धनतेरस के दिन इन बातों का रखें ध्यान
आपको बता दें कि अपने घर की झाड़ू को दूसरो की नजरों से बचाकर रखें वो किसी को नजर ना आए और कभी भी घर की झाड़ू को खड़ा करके ना रखें ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज होती हैं और घर में अशुभता आती है। पुरानी झाड़ू का क्या करें
धनतेरस से एक दिन पहले ही पुरानी झाड़ू को छुपा दें ऐसा कहा जाता है कि पुरानी झाड़ू घर में नहीं रखना चाहिए ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। और तो और आर्थिक स्थिति पर भी इसका बुरा असर पड़ता है।
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