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Navratri 2024: कलश के ऊपर क्यों रखा जाता है नारियल, जानिए

jeevanjali Published by: कोमल Updated Wed, 03 Apr 2024 12:47 PM IST
सार

Navratri 2024: नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की विशेष पूजा की जाती है। इन नौ दिनों का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है। आपको बता दें कि ऐसा कहा जाता है कि नवरात्रि के नौ दिन पृथ्वी पर मां दुर्गा विचरण करने आती हैं।

नवरात्रि 2024
नवरात्रि 2024- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Navratri 2024: नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की विशेष पूजा की जाती है। इन नौ दिनों का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है। आपको बता दें कि ऐसा कहा जाता है कि नवरात्रि के नौ दिन पृथ्वी पर मां दुर्गा विचरण करने आती हैं। और अपने भक्तों की सभी परेशानियां दूर कर देती हैं. आपको बता दें कि नवरात्रि के दौरान कलश स्थापना का बहुत महत्व होता है. आपने कलश स्थापना के समय देखा होगा कि कलश के ऊपर नारियल रखा जाता है। ऐसा क्यों किया गया? क्या आप जानते हैं यदि नहीं? तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें
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कलश में नारियल रखने का महत्व

भगवान गणेश को नारियल का प्रतीक माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि नारियल में  त्रिदेवों का वास होता है। कलश के ऊपर नारियल रखने से सभी काम पूरें होते हैं और साथ ही त्रिदेवों का आशीर्वाद मिलता है और काम बिना किसी बाधा के पूरा हो जाता है। नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर कच्चे सूत या कलावा से बांधकर कलश के ऊपर रखना चाहिए।
 

कलश पर नारियल क्यों रखा जाता है?

शास्त्रों में नारियल को भगवान गणेश का प्रतीक माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि नारियल का सफेद हिस्सा और उसका पानी चंद्रमा ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है।
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नारियल में भी त्रिदेवों का वास माना जाता है। कलश के ऊपर नारियल रखने का उद्देश्य शुभ कार्य में इन देवताओं को आमंत्रित करना है ताकि कार्य बिना किसी बाधा के पूरा हो सके।
कलश पर नारियल रखते समय इस बात का ध्यान रखें कि उसका मुख पूजा करने वाले व्यक्ति की ओर होना चाहिए। नारियल का सिर अंत में होता है जहां यह पेड़ की शाखा से जुड़ा होता है।

कलश के ऊपर रखे नारियल का क्या करें?

कलश के ऊपर रखे नारियल पर माता रानी की विशेष कृपा होती है। इसलिए नवरात्रि के बाद इस नारियल को लाल रंग के कपड़े में लपेटकर पूजा स्थान पर रखा जा सकता है।
आप नवरात्रि खत्म होने के बाद नारियल को पानी में प्रवाहित भी कर सकते हैं या प्रसाद के रूप में खा सकते हैं।
कुछ लोग कन्या पूजन के दौरान कलश के ऊपर रखे नारियल को प्रसाद के रूप में कन्याओं में बांट देते हैं। इसे परिवार में प्रसाद के रूप में भी खाया जा सकता है.
कलश के नीचे नारियल के साथ चावल भी रखे जाते हैं. इसे भी नवरात्रि के बाद जल में बहा  दिया जाता है।
हिंदू धर्म में पूजा के बाद पूजा सामग्री को जल में विसर्जित करना सर्वोत्तम माना जाता है। इससे कोई नुकसान नहीं होता और पूजा का पूरा फल मिलता है।

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