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Sawan Me Kyon Jhula Jaata Hai Jhula: सावन में क्यों झूला जाता है झूला ! जानिए क्या है मान्यता।।

जीवांजलि धार्मिक डेस्क Published by: कोमल Updated Sat, 22 Jun 2024 06:25 PM IST
सावन- फोटो : jeevanjali

Sawan Me Kyon Jhula Jaata Hai Jhula: सावन के महीने में चारों तरफ हरियाली होती है, झूले डाले जाते हैं और पारंपरिक गीत गाए जाते हैं. सावन में झूला झूलने का विशेष महत्व है. कहा जाता है कि झूला झूलने से व्यक्ति में उत्साह और जोश भर जाता है. सावन में झूला झूलने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. आइए आपको बताते हैं कि सावन में झूला क्यों झूला जाता है और इसकी पौराणिक मान्यता क्या है.

साल 2024 में कब से शुरू होगा सावन? 

इस साल 22 जुलाई 2024 से सावन महीने की शुरूआत  हो रही है। और 19 अगस्त 2024 को इसका समापन होगा। साल 2024 में सावन की शुरुआत और अंत दोनों ही सोमवार को है, जिससे इसका महत्व दोगुना हो गया है। इस बार सावन 2024 में पांच सोमवार और चार मंगला गौरी व्रत होंगे।

क्या है सावन के झूलों का धार्मिक महत्व 

धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो इसका बहुत महत्व बताया जाता है. सावन के महीने में देव स्थानों पर झूले डाले जाते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन के महीने में भगवान श्री कृष्ण ने राधा रानी को झूला झुलाया था. तभी से यह परंपरा शुरू हुई. भगवान श्री कृष्ण की इस परंपरा को लोग लगातार आगे बढ़ा रहे हैं. झूला झूलते समय भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी को याद करते हुए गीत गाए जाते हैं. 

सावन के झूलों की पौराणिक मान्यता 

इसके अलावा मान्यता है कि भगवान भोलेनाथ ने माता पार्वती के लिए झूला डाला था और उन्हें अपने हाथों से झुलाया था, जिसके बाद देखा जाता है कि पति अपनी पत्नियों को झूला झुलाते हैं, ऐसा करने से आपस में प्रेम बढ़ता है और परिवार में खुशियां आती हैं। इसके अलावा सावन के मौके पर अगर आप भगवान श्री कृष्ण और भगवान गणेश को झूले में झुलाते हैं तो आपको कई पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। इस दौरान आप सावन के गीत भी गा सकते हैं, इससे आपके परिवार पर भगवान की कृपा बनी रहेगी।