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kalava kyu pahna jata hai: क्यों पहना जाता है हाथ में कलावा? जानिए महत्त्व और नियम

जीवांजलि डेस्क Published by: सुप्रिया शर्मा Updated Sat, 15 Jun 2024 01:24 PM IST
सार

kalava kyu pahna jata hai:  हिन्दू धर्म में किसी भी पूजा पाठ में कलावा,रक्षा सूत्र या मौली जरूर बांधी जाती है कलावा,हिंदू धर्म में एक पवित्र लाल धागा होता है जिसे कई धार्मिक और सांस्कृतिक कारणों से हाथ में पहना जाता है। 

क्यों पहना जाता है हाथ में कलावा?
क्यों पहना जाता है हाथ में कलावा?- फोटो : jeevanjali

विस्तार

kalava kyu pahna jata hai:  हिन्दू धर्म में किसी भी पूजा पाठ में कलावा,रक्षा सूत्र या मौली जरूर बांधी जाती है कलावा,हिंदू धर्म में एक पवित्र लाल धागा होता है जिसे कई धार्मिक और सांस्कृतिक कारणों से हाथ में पहना जाता है। आप भी जानते होंगे पूजा पाठ में देवी देवताओं को भी रक्षा सूत्र चढ़ाया जाता है, कहा जाता है की जिस व्यक्ति के हाथ में लाल या पीला कलावा होता है उस पर भगवान की हमेशा कृपा बानी रहती है चलिए इस लेख में आप को बताते हैं कलावे से जुड़ी कुछ विशेष बातें-
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कलावे से जुड़ी कई पौराणिक कथाएँ है जिस में से एक है भगवान श्री कृष्ण द्वारा द्रौपदी की रक्षा के लिए कलावा बांधने की कथा प्रसिद्ध है।और भगवान विष्णु द्वारा भी देवी लक्ष्मी को कलावा बांधकर उनकी रक्षा करने का उल्लेख मिलता है। इस प्रकार, कलावा को बुरी आत्माओं, नकारात्मक ऊर्जाओं और ग्रहों के दुष्प्रभावों से बचाने वाला माना जाता है।कलावा बेहद विशेष है क्यों की कलावा को देवी-देवताओं का प्रतीक माना गया है, कलावा को भगवान शिव, विष्णु और गणेश जी का प्रतीक माना जाता है। इसे तीनों देवताओं के प्रति श्रद्धा का प्रतीक भी माना जाता है।

कलावा बांधने का महत्त्व:

हिंदू धर्म में लाल रंग को शुभ माना जाता है। कलावा लाल रंग का धागा होने के कारण शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
कलावा को बांधने के कई वैज्ञानिक महत्व भी बताये जाते हैं जैसे  कलावा को बाएं हाथ की कलाई पर बांधने से रक्त संचार बेहतर होता है।
ऐसा माना जाता है कि कलावा अक्यूप्रेशर बिंदुओं को उत्तेजित करता है जो रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। कहा जाता है की कलावा पहनने से मानसिक तनाव कम होता है। कलाई पर कलावा बांधने से प्राप्त हल्का दबाव शांत प्रभाव डालता है और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
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लेकिन कलावा पहनने के कुछ नियम है जो आप को जानना बेहद जरुरी हैं जैसे-

- कलावा हमेशा बाएं हाथ की कलाई पर बांधा जाता है।
- इसे किसी बुजुर्ग, गुरु या पुजारी से बंधवाना शुभ माना जाता है।
- कलावा बांधते समय मंत्रों का जाप करना भी लाभकारी माना जाता है।
- कलावा को गंदा या फटा हुआ नहीं होना चाहिए।
- जब कलावा टूट जाए या खराब हो जाए तो उसे सम्मानपूर्वक किसी बहते पानी में प्रवाहित कर देना चाहिए और नया कलावा बांधना चाहिए।




किस राशि वालों को नहीं पहना चाहिए कलावा

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंभ और मकर राशि के जातकों को लाल कलावा नहीं पहनना चाहिए। इस के पीछे क्या कारण है आगे के लेख में पढ़िए 

- माना जाता है कि लाल रंग मंगल ग्रह का प्रतीक है।
- कुंभ और मकर राशि के लिए मंगल ग्रह अशुभ माना जाता है।
- कुंभ और मकर राशि स्वतंत्र और विद्रोही स्वभाव की होती हैं।
- लाल कलावा को बंधन का प्रतीक माना जाता है।
- ऐसा माना जाता है कि इन राशियों के जातकों पर लाल कलावा पहनने से मंगल ग्रह का नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
- ऐसा माना जाता है कि इन राशियों के जातकों के लिए लाल कलावा पहनने से उनकी स्वतंत्रता और ऊर्जा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला और वृश्चिक राशि के जातक अपनी इच्छानुसार लाल कलावा पहन सकते हैं। इन राशियों के लिए लाल कलावा शुभ माना जाता है और यह सकारात्मक ऊर्जा और सुरक्षा प्रदान कर सकता है। कलावा पहनने से पहले किसी विश्वसनीय ज्योतिषी से सलाह लेना उचित है। कलावा हमेशा बाएं हाथ की कलाई पर सम्मानपूर्वक बांधना चाहिए। कलावा साफ और सुंदर होना चाहिए।जब कलावा टूट जाए या खराब हो जाए तो उसे बहते पानी में प्रवाहित कर देना चाहिए और नया कलावा बांधना चाहिए।

 
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