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Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन के बाद कलाई से कब उतारना चाहिए रक्षासूत्र? जानें सही नियम

JeevanjaliPublished by:
नीरज पटेल
सार

Raksha Bandhan Festival: अगर आप रक्षाबंधन के बाद बहन द्वारा बांधी गई राखी को उतारने की सोच रहे हैं तो आपको कुछ जरूरी नियमों का पालन करना होगा, क्योंकि अगर आप ऐसा नहीं करेंगे तो आपको जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

रक्षाबंधन के बाद कलाई से कब उतारना चाहिए रक्षासूत्र? जानें सही नियम
Raksha Bandhan 2025 Rakhi Niyam: हिन्दू धर्म में रक्षाबंधन पर्व का बहुत अधिक महत्व होता है। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बहन द्वारा बांधी गई राखी को एक सुरक्षा कवच माना जाता है। यह सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और एक-दूसरे की रक्षा के वचन का प्रतीक है। इसलिए इसे तुरंत उतारना शुभ नहीं माना जाता है। यहां राखी को कलाई से उतारने के सही नियम और उससे जुड़ी मान्यताओं के बारे में बताया गया है। 

कब उतारनी चाहिए राखी?

  1. शास्त्रों में राखी उतारने के लिए कोई निश्चित दिन या समय नहीं बताया गया है, लेकिन कुछ धार्मिक मान्यताएं और परंपराएं हैं, जिनका पालन करना सबसे उत्तम माना जाता है।
  2. कई मान्यताओं के अनुसार, राखी को कम से कम 24 घंटे तक कलाई पर बांधे रखना चाहिए। 24 घंटे बाद आप किसी भी शुभ मुहूर्त में राखी उतार सकते हैं।
  3. कुछ जगहों पर यह माना जाता है कि राखी को पूरे 15 दिनों तक, यानी भाद्रपद मास की पूर्णिमा तक कलाई पर बांधे रखना शुभ होता है। इस अवधि को 'पंद्रह दिन का त्योहार' भी कहा जाता है।
  4. कई परिवारों में यह परंपरा है कि राखी को जन्माष्टमी के दिन उतारा जाता है। इस साल रक्षाबंधन 9 अगस्त को है और जन्माष्टमी 15 अगस्त को है, इसलिए इस दिन राखी उतारना शुभ माना जाएगा।

पितृ पक्ष से पहले

एक और महत्वपूर्ण मान्यता यह है कि पितृ पक्ष शुरू होने से पहले राखी को उतार देना चाहिए। माना जाता है कि पितृ पक्ष में राखी पहनने से वह अशुद्ध हो जाती है, जिसका जीवन पर बुरा असर पड़ सकता है।

राखी उतारने के बाद क्या करें?

राखी उतारने के बाद उसे यहां-वहां फेंकना बहुत अशुभ माना जाता है। इसका सही तरीके से विसर्जन करना बहुत जरूरी होता है। राखी को किसी पवित्र नदी, तालाब या बहते जल में प्रवाहित करना सबसे अच्छा माना जाता है। अगर जल में विसर्जन संभव न हो तो राखी को किसी पेड़ की जड़ में दबा देना चाहिए या किसी पवित्र पेड़ (जैसे पीपल या बरगद) पर बांध देना चाहिए। 

आप राखी को घर के मंदिर में या किसी अन्य मंदिर की दान पेटी में भी रख सकते हैं। टूटी हुई या पुरानी राखी को कूड़ेदान में कभी नहीं फेंकना चाहिए। ऐसा करने से रिश्ते में नकारात्मकता आ सकती है और जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

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