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Ashadha Purnima 2024: कब है आषाढ़ पूर्णिमा व्रत? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

जीवांजलि धर्म डेस्क Published by: निधि Updated Tue, 09 Jul 2024 08:00 AM IST
सार

Ashadha Purnima vrat 2024: पंचांग के अनुसार आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि शनिवार 20 जुलाई को शाम 05:59 बजे प्रारंभ होगी। यह तिथि रविवार, 21 जुलाई को दोपहर 3:46 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के आधार पर आषाढ़ पूर्णिमा 21 जुलाई को है।

Ashadha Purnima vrat 2024:
Ashadha Purnima vrat 2024:- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Ashadha Purnima vrat 2024: पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि साल में 12 बार आती है। ऐसे में हर माह एक पूर्णिमा तिथि होती है। इस बार पूर्णिमा तिथि का व्रत 21 जुलाई को रखा जाएगा, जो बेहद खास है, क्योंकि यह आषाढ़ माह में मनाया जाएगा। दरअसल, इस साल 23 जून से 21 जुलाई तक आषाढ़ मास है, जिसे हिंदू कैलेंडर के अनुसार चौथा महीना माना जाता है। इस दौरान जो व्यक्ति व्रत और त्योहारों के दिन सच्चे मन से पूजा-अर्चना करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। आइए जानते हैं आषाढ़ मास की पूर्णिमा कब है औऱ पूजा विधि।
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आषाढ़ पूर्णिमा 2024 कब है ? (When is Ashadh Purnima 2024?)

 पंचांग के अनुसार आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि शनिवार 20 जुलाई को शाम 05:59 बजे प्रारंभ होगी। यह तिथि रविवार, 21 जुलाई को दोपहर 3:46 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के आधार पर आषाढ़ पूर्णिमा 21 जुलाई को है।

आषाढ़ पूर्णिमा व्रत की तिथि (Date Of Ashadh Purnima Fast)

इस साल आषाढ़ पूर्णिमा का व्रत 20 जुलाई 2024 दिन शनिवार को रखा जाएगा। 
 चंद्रोदय का समय-  शाम 6 बजकर 47 मिनट पर होगा। ऐसे में इस समय में चंद्र देव को अर्घ्य देना शुभ होगा।
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आषाढ़ पूर्णिमा 2024 पूजा विधि  (Ashadh Purnima 2024 Puja Vidhi)

- आषाढ़ पूर्णिमा के दिन सुबह उठकर सबसे पहले पवित्र नदी में स्नान करें। अगर आप किसी कारणवश नदी में नहीं जा पा रहे हैं तो घर पर ही पानी में गंगाजल या किसी पवित्र नदी का जल मिलाकर स्नान करना चाहिए।
- इसके बाद भगवान विष्णु की तस्वीर के सामने दीपक जलाएं और व्रत का संकल्प लें।
- फूल, फल, अक्षत, धूप, दीप, गंध, चंदन, रोली, वस्त्र, मिठाई आदि अर्पित करके विष्णु जी और माता लक्ष्मी की पूजा करें।
- साथ ही पूर्णिमा के दिन भगवान सत्यनारायण की कथा जरूर पढ़ें। साथ ही इस दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना भी शुभ माना जाता है।

कुंडली में है चंद्र दोष, तो आषाढ़ पूर्णिमा के दिन करें ये उपाय

(If There Is Chandra Dosh In Your Kundali, Then Do These Remedies On Ashadh Purnima)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन लोगों की डली में चंद्र दोष है कुंडली में चंद्र दोष है उन्हें आषाढ़ पूर्णिमा के दिन चंद्र देव की पूजा करनी चाहिए और उनके बीज मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे लाभ होगा। इसके अलावा चंद्र दोष से मुक्ति पाने के लिए आषाढ़ पूर्णिमा के दिन स्नान करने के बाद किसी गरीब ब्राह्मण को सफेद कपड़े, चावल, चीनी, दूध, सफेद मिठाई, चांदी, मोती आदि का दान कर सकते हैं। यह भी लाभकारी उपाय है।

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