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Mangal Dosh kya hai or Upay:मंगल दोष क्या है? साथ ही जानिए मंगल दोष के उपाय

जीवांजलि डेस्क Published by: सुप्रिया शर्मा Updated Sun, 16 Jun 2024 08:09 AM IST
सार

Mangal Dosh kya hai or Upay: ज्योतिष शास्त्र में, मंगल दोष तब होता है जब कुंडली में मंगल ग्रह लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में स्थित होता है। इन भावों में मंगल की स्थिति को अशुभ माना जाता है

मंगल दोष क्या है?
मंगल दोष क्या है?- फोटो : मंगल दोष क्या है?

विस्तार

Mangal Dosh kya hai or Upay:ज्योतिष शास्त्र में, मंगल दोष तब होता है जब कुंडली में मंगल ग्रह लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में स्थित होता है। इन भावों में मंगल की स्थिति को अशुभ माना जाता है, और माना जाता है कि यह वैवाहिक जीवन में परेशानियां पैदा कर सकता है।यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि मंगल दोष एक विवादास्पद अवधारणा है। कुछ ज्योतिषियों का मानना है कि यह बहुत महत्वपूर्ण है, जबकि अन्य का मानना है कि इसका कोई विशेष प्रभाव नहीं है।
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सब से पहले जानिए क्या होते हैं मंगल दोष के प्रभाव:

- मंगल दोष वाले लोगों को विवाह में देरी या बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
- कुछ मामलों में, मंगल दोष के कारण विवाह असफल हो सकता है।
- मंगल दोष से वैवाहिक जीवन में कलह, तनाव और असंतोष पैदा हो सकता है।
- मंगल दोष से स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं, जैसे कि क्रोध, रक्तचाप, और दुर्घटनाएं।

मंगल दोष के उपाय:

यदि आपको मंगल दोष है, तो ज्योतिषी द्वारा सुझाए गए कुछ उपाय आप को जानना जरुरी है 

मंगल रक्षा स्तोत्र का पाठ: यह मंगल ग्रह को शांत करने और इसके नकारात्मक प्रभावों को कम करने में मदद करता है।

मंगल रक्षा स्तोत्र
ॐ जय जय रक्तवर्ण महावीर हे ||
जय जय जय जय गिरिराज सुतन हे ||
जय जय जय जय मंगल देव नमः ||

प्रथम श्लोक
अग्निदेव पुत्र तेजस्वी, ज्वलन्त रक्तिम मूर्ति ||
भूमिपुत्र भय हरने वाले, वीर योद्धा मंगल मूर्ति ||
रविवार को सूर्योदय के समय, स्तवन करो मंगल का ||
संकटों से मुक्ति मिलेगी, सुख-शांति होगी घर का ||

द्वितीय श्लोक
भूमि पुत्र भय हरने वाले, वीर योद्धा मंगल मूर्ति ||
सातवें भाव में हो कुंडली में, विवाह में होंगे विघ्न ||
मंगल रक्षा स्तोत्र का पाठ करें, दूर होंगे सारे कष्ट ||
सुख-शांति बनी रहेगी जीवन में, मिलेगा मनचाहा जीवन-संगी ||

तृतीय श्लोक
दसवीं, चौथी और अष्टम भाव में, हो कुंडली में मंगल ||
रोग, शत्रु और ऋण से होंगे घिरे, जीवन होगा संघर्षमय ||
मंगल रक्षा स्तोत्र का पाठ करें, रक्षा होगी आपकी ||
मंगल देव दयालु हैं, दूर करेंगे सारे कष्ट आपके ||

चतुर्थ श्लोक
कुंभ, मकर और मीन राशि में, हो कुंडली में मंगल ||
व्यवसाय में होंगे नुकसान, मान-सम्मान होगा कम ||
मंगल रक्षा स्तोत्र का पाठ करें, होगी सफलता आपकी ||
मंगल देव देंगे आशीर्वाद, होगी उन्नति आपकी ||

पंचम श्लोक
मंगलवार को लाल वस्त्र पहनकर, करें मंगल स्तोत्र का पाठ ||
गुड़ और घी का दीप जलाकर, करें मंगल देव की पूजा ||
लाल पुष्प अर्पित करें, मंगल देव को भोग लगाएं ||
इस प्रकार पूजा करने से, मंगल देव होंगे प्रसन्न ||

षष्ठम श्लोक
ॐ जय जय रक्तवर्ण महावीर हे ||
जय जय जय जय गिरिराज सुतन हे ||
जय जय जय जय मंगल देव नमः ||

मंगलवार का व्रत: 
मंगलवार का व्रत रखने और हनुमान जी की पूजा करने से भी मंगल ग्रह को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

लाल वस्त्रों का दान:
 मंगलवार को लाल वस्त्र दान करने से भी मंगल दोष के प्रभाव कम हो सकते हैं।

रत्न धारण: 
कुछ रत्न, जैसे कि मूंगा या लाल गोमेद, मंगल दोष के नकारात्मक प्रभावों को कम करने में मदद कर सकते हैं।

मंगल यज्ञ: 
मंगल यज्ञ करवाना भी मंगल दोष से मुक्ति पाने का एक प्रभावी उपाय माना जाता है।

आप को बता दें की आप कोई भी उपाय करें या किसी भी उपाय को करने से पहले ज्योतिषी से सलाह लेना चाहिए।
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