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Kaal Sarp Dosh: क्या होता है काल सर्प दोष? जानिए इसके लक्षण और उपाय

जीवांजलि Published by: निधि Updated Tue, 18 Jun 2024 07:30 AM IST
सार

Kal Sarp Dosh: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में कालसर्प दोष बहुत हानिकारक बताया गया है। कालसर्प दोष के कारण व्यक्ति को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

Kaal Sarp Dosh
Kaal Sarp Dosh- फोटो : JEEVANJALI

विस्तार

Kal Sarp Dosh: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में कालसर्प दोष बहुत हानिकारक बताया गया है। कालसर्प दोष के कारण व्यक्ति को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कोई भी काम आसानी से नहीं होता। धन की हानि होने लगती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में 12 तरह के कालसर्प दोष बनते हैं।
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कालसर्प दोष 

जब किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु और केतु के बीच सभी ग्रह आ जाते हैं तो कुंडली में कालसर्प दोष बनता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में 12 प्रकार के कालसर्प दोष बनते हैं। अनंत कालसर्प योग, कुलिक कालसर्प योग, वासुकी कालसर्प योग, शंखपाल कालसर्प योग, पद्म कालसर्प योग, महापद्म कालसर्प योग, तक्षक कालसर्प योग, कर्कोटक कालसर्प योग, शंखनाद कालसर्प योग, पातक कालसर्प योग, विषधर कालसर्प योग, शेषनाग कालसर्प योग।

क्या होता है कालसर्प दोष ?

हिंदू धर्म में राहु और केतु को छाया ग्रह माना जाता है। ये दो ग्रह हैं जो हमेशा एक दूसरे के आमने-सामने होते हैं और जब ग्रह ऐसी स्थिति में होते हैं कि सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं, तो एक योग बनता है। इस योग को कुंडली में कालसर्प दोष कहा जाता है।
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कालसर्प दोष के संकेत

यदि किसी व्यक्ति पर कालसर्प दोष है तो उसे करीब 42 साल बाद ही सफलता मिलती है। कालसर्प दोष के कारण शत्रुओं की संख्या बढ़ जाती है। स्वास्थ्य खराब होने लगता है। कालसर्प दोष के कारण व्यक्ति को बुरे सपने आने लगते हैं जिसमें उसे बार-बार सपने में मौत और सांप के सपने आते हैं। व्यापार में लगातार घाटा होता रहता है। विवाह में देरी होती है। मानसिक और शारीरिक परेशानियां बढ़ने लगती हैं। पैतृक संपत्ति धीरे-धीरे नष्ट होने लगती है। धोखा मिलने की संभावना बढ़ जाती है। बुरे सपने और अनिद्रा की समस्या का सामना करना पड़ता है और कोर्ट-कचहरी के मामलों का सामना करना पड़ता है।

कब-कब बनता है कालसर्प योग

जब भी राहु की महादशा, अंतर्दशा या प्रत्यंतरदशा आती है तो काल सर्प योग बनता है। इसके अलावा जब भी राहु गोचर में अशुभ भाव में चला जाता है तो काल सर्प योग बनता है।

कालसर्प दोष के लक्षण और प्रभाव जानें

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में काल सर्प दोष होता है, उन्हें जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस दोष से पीड़ित व्यक्ति का जीवन आर्थिक, मानसिक और शारीरिक परेशानियों से घिरा रहता है और उसे जीवन भर काफी संघर्ष करना पड़ता है। काल सर्प दोष व्यक्ति के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव डालता है। जिसके कारण स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता और कोई न कोई बीमारी हमेशा बनी रहती है, अगर एक बीमारी ठीक होती है तो कुछ समय बाद दूसरी बीमारी शुरू हो जाती है।

कालसर्प दोष दूर करने के उपाय

1. कालसर्प दोष का सबसे अच्छा उपाय है श्रावण मास में भगवान शिव का रुद्राभिषेक करना। जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष है, उन्हें श्रावण में रुद्राभिषेक अवश्य करवाना चाहिए।

2. शिवलिंग पर मिश्री और दूध चढ़ाना चाहिए। साथ ही, प्रतिदिन शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करना सबसे अच्छा होता है।

3. अपने घर के पूजा स्थल पर प्रतिदिन मोर पंख वाली भगवान कृष्ण की मूर्ति की पूजा करें।

4. विधि अनुसार बहते पानी में चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा प्रवाहित करें।

5. कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए रात में राहु शांति का उपाय करें। रात में या राहुकाल में शिव मंदिर में राहु की पूजा करें।
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