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What is Janam Kundali: कुंडली क्या होती है? जानिए कैसे बनती है कुंडली?

जीवांजलि डेस्क Published by: सुप्रिया शर्मा Updated Sat, 15 Jun 2024 05:24 PM IST
सार

Kundali: कुंडली, जिसे जन्म पत्री भी कहा जाता है, ज्योतिष शास्त्र में एक महत्वपूर्ण अवधारणा है। यह जन्म के समय ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति का एक चित्रण है

कुंडली क्या होती है?
कुंडली क्या होती है?- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Kundali: कुंडली, जिसे जन्म पत्री भी कहा जाता है, ज्योतिष शास्त्र में एक महत्वपूर्ण अवधारणा है। यह जन्म के समय ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति का एक चित्रण है, जो व्यक्ति के जीवन, चरित्र और भविष्य के बारे में भविष्यवाणियां करने के लिए उपयोग किया जाता है।
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कुंडली में क्या होता है?

कुंडली को बारह भागों में विभाजित किया जाता है, जिन्हें भाव कहा जाता है। प्रत्येक भाव जीवन के एक विशिष्ट पहलू का प्रतिनिधित्व करता है, जैसे कि व्यक्तित्व, करियर, धन, विवाह, स्वास्थ्य, आदि।कुंडली में, सभी नौ ग्रहों (सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु) की स्थिति बारह भावों में दर्शाई जाती है।जिस नक्षत्र में चंद्रमा स्थित होता है, उसे जन्म नक्षत्र कहा जाता है। यह भी कुंडली में महत्वपूर्ण होता है। कुंडली में लग्न, राशि, योग, दशा और अंतर्दशा जैसे अन्य विवरण भी शामिल होते हैं।

कुंडली का उपयोग कैसे किया जाता है?

कुंडली का उपयोग व्यक्ति के व्यक्तित्व, चरित्र और स्वभाव के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जाता है। ग्रहों की स्थिति और उनके विभिन्न भावों में संबंधों के आधार पर, ज्योतिषी जीवन में संभावित घटनाओं, जैसे कि करियर, विवाह, स्वास्थ्य, आदि के बारे में भविष्यवाणी कर सकते हैं। कुंडली में मौजूद ग्रहों की नकारात्मक स्थितियों के आधार पर, ज्योतिषी उचित उपाय और मार्गदर्शन प्रदान कर सकते हैं, ताकि व्यक्ति जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना कर सके।
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कुंडली कैसे बनती है?

कुंडली बनाने के लिए, ज्योतिषी को जानकारी की आवश्यकता होती है जैसे :

1. जन्म का समय:

जन्म का सटीक समय (घंटा, मिनट, और सेकंड) सबसे महत्वपूर्ण होता है।
यदि जन्म का सटीक समय ज्ञात नहीं है, तो ज्योतिषी अनुमानित समय के आधार पर कुंडली बना सकता है।

2. जन्म का स्थान:

जन्म का स्थान (शहर, राज्य, देश) भी महत्वपूर्ण होता है।
जन्म स्थान के आधार पर, ग्रहों की स्थिति में थोड़ा अंतर हो सकता है।

3. जन्म तिथि:

जन्म तिथि (दिन, महीना, वर्ष) का उपयोग जन्म नक्षत्र और राशि निर्धारित करने के लिए किया जाता है।



कुंडली बनाने की प्रक्रिया कैसी होती है ?

ज्योतिषी जन्म के समय ग्रहों की स्थिति की गणना करने के लिए ज्योतिषीय सूत्रों का उपयोग करते हैं। फिर, ग्रहों की स्थिति को कुंडली के बारह भावों में अंकित किया जाता है। जन्म तिथि का उपयोग जन्म नक्षत्र और राशि निर्धारित करने के लिए किया जाता है। ग्रहों की स्थिति के आधार पर, विभिन्न योगों और दशाओं की गणना की जाती है। अंत में, सभी जानकारी को एक आरेख में दर्शाया जाता है, जिसे कुंडली कहा जाता है।

कुंडली से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण चीजे जैसे 

लग्न: वह भाव जिसमें जन्म के समय चंद्रमा स्थित होता है।
राशि: वह राशि जिसमे जन्म के समय सूर्य स्थित होता है।
योग: ग्रहों की विशेष स्थितियों से बनने वाले शुभ या अशुभ प्रभाव।
दशा: ग्रहों की महादशा और अंतर्दशा का एक निश्चित काल।
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