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Kya Hai Puja Path Ke Niyam: क्या है पूजा- पाठ और आरती करने के नियम जानिए

जीवांजलि धार्मिक डेस्क Published by: कोमल Updated Thu, 27 Jun 2024 04:48 PM IST
सार

Kya Hai Puja Path Ke Niyam:  हिन्दु धर्म में पूजा-पाठ विशेष महत्व है। आपको बता दें कि हिन्दु धर्मे में पूजा पाठ करना जितना जरूरी है उतना ही जरूरी है उन नियमों का पालन करना । हिन्दु धर्म शास्त्रों में पूजा-पाठ के नियमों का उल्लेख किया गया है।

पूजा पाठ के नियम क्या हैं
पूजा पाठ के नियम क्या हैं- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Kya Hai Puja Path Ke Niyam:  हिन्दु धर्म में पूजा-पाठ विशेष महत्व है। आपको बता दें कि हिन्दु धर्मे में पूजा पाठ करना जितना जरूरी है उतना ही जरूरी है उन नियमों का पालन करना । हिन्दु धर्म शास्त्रों में पूजा-पाठ के नियमों का उल्लेख किया गया है।  जो भी व्यक्ति इन नियमों का पालन करता है उसे शुभ फल की प्राप्ति होती है वहीं जो इन नियमों का पालन नहीं करता है उसे मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। पूजा-पाठ के नियमों के साथ शास्त्रों में आरती करने के नियम भी बताएं गए । आज के इस लेख में हम आपको उन नियमों के बारे में बताएंगे 
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क्या है पूजा -पाठ के नियम Kya Hai Puja Path Ke Niyam

किसी  भी भगवान की पूूजा शुरु- करने से पहले सभी देवों में प्रथमपूजनीय भगवान गणेश को प्रणाम करना चाहिए उनका ध्यान करना चाहिए आपको बता दें कि ऐसी धार्मिक मान्यता है कि अगर पूजा  शुरु करने से पहले भगवान गणेश को प्रणाम नहीं किया तो पूजा सफल नहीं होगी 

पूजा के समय भगवान को दोनों हाथों से प्रणाम करें भूलकर भी एक हाथ से प्रणाम ना करें 

दीपक जलाते समय इस बात का ध्यान रखें की दीपक भगवान के दाईं तरफ और आपके बाईं तरफ हो 

साधक को हमेशा तिलक लगाकर ही पूजा करना चाहिए  

पूजा होने के बाद घंटी या फिर शंख जरूर बजाना चाहिए इसका बहुत खास महत्व है । ऐसी मान्यता है कि घंटी और  शंख बजाने से घर का वातावरण स्वच्छ होता है और मन साफ होता है 
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भूलकर भी पूजा के लिए फूल शाम का ना तोड़े अगर आप भगवान को फूल चढ़ाना चाहते हैं तो शाम होने से पहले ही फूल तोड़ लें 

पूजा के समय दीपक जरूर जलाएं सनातन धर्म में पूजा के समय दीपक का जलाना बहुत जरूरी माना जाता है। अगर आप पूजा के समय दीपक नहीं जलाते हैं तो आपको शुभ फल नहीं मिलेगा 

भूलकर भी शाम के समय सूर्यदेव की पूजा नहीं करनी चाहिए अगर आप ऐसा करते हैं तो सावधान हो जाएं।  क्योंकि ऐसा करने से आपको दुखों का सामना करना पड़ सकता है सूर्य देव की  पूजा सुबह के समय आप कर सकते हैं 


 

क्या है आरती के नियम Kya Hai Aarti Karne Ke Niyam

सनातन धर्म में भगवान की आरती करने के लिए कुछ जरूरी नियम बताए गए हैं । आरती करते समय आपको सबसे पहले चार बार भगवान के चरणों की आरती करनी चाहिए । इसके बाद दो बार भगवान के नाभि कि । तीन या एक बार भगवान के मुख की आरती करें फिर भगवान की ऊपर से लेकर नीचे तक सात बार आरती करें । आरती करने का ये नियम हर पूजा में ध्यान रखें और इसी विधि से आरती करें । अगर आप इस तरह से आरती करते हैं तो  भगवान आपकी आरती स्वीकार करते हैं और आपके आशीर्वाद देते हैं 

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