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Skand Shashthi 2024: कब है आषाढ़ स्कन्द षष्ठी व्रत? जानिए तिथि और महत्व

जीवांजलि धर्म डेस्क Published by: निधि Updated Tue, 09 Jul 2024 08:20 AM IST
सार

Skand Shashti 2024 July: आषाढ़ मास का स्कंद षष्ठी व्रत 11 जुलाई को रख जाएगा। यह व्रत भगवान कार्तिकेय के लिए रखा जाता है।

Skand Shashthi 2024
Skand Shashthi 2024- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Skand Shashti 2024 July: आषाढ़ मास का स्कंद षष्ठी व्रत 11 जुलाई को रख जाएगा। यह व्रत भगवान कार्तिकेय के लिए रखा जाता है। स्कंद षष्ठी का व्रत हर महीने शुक्ल पक्ष की षष्ठी के दिन रखा जाता है यह व्रत मुख्य रूप से दक्षिण भारत के राज्यों में लोकप्रिय है। भगवान कार्तिकेय भगवान शिव और माता पार्वती के बड़े पुत्र हैं। आइए जानते हैं स्कंद षष्ठी व्रत का मुहूर्त, पूजा विधि एवं धार्मिक महत्व।
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स्कंद षष्ठी 2024 तिथि  (Skanda Shashthi 2024 Date)

पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास की स्कंद षष्ठी तिथि 11 जुलाई को सुबह 10:03 बजे से शुरू होकर अगले दिन यानी 12 जुलाई को दोपहर 12:32 बजे समाप्त होगी। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार स्कंद षष्ठी का व्रत 11 जुलाई 2024 को रखा जाएगा।

स्कंद षष्ठी का महत्व (Importance Of Skanda Shashthi)

इस व्रत को करने से संतान सुख और आरोग्य की प्राप्ति होती है। स्कंद षष्ठी व्रत की कथा के अनुसार च्यवन ऋषि की आंखों की रोशनी चली गई थी, इसलिए उन्होंने यह व्रत रखा और स्कंद कुमार की पूजा की। व्रत के पुण्य प्रभाव से उनकी आंखों की रोशनी वापस आ गई। एक अन्य कथा में बताया गया है कि प्रियव्रत का मृत बालक पुनः जीवित हो गया।
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स्कंद षष्ठी की पूजा विधि (Method Of Worship Of Skanda Shashthi)

- स्कंद षष्ठी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सबसे पहले शुद्ध जल से स्नान करें।
- इसके बाद एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान कार्तिकेय की मूर्ति स्थापित करें।
- इसके साथ ही शंकर-पार्वती और गणेश की मूर्ति स्थापित करें।
- इसके बाद कार्तिकेय के सामने कलश स्थापित करें।
- फिर सबसे पहले गणेश वंदना करें।
- संभव हो तो अखंड ज्योत जलाएं, सुबह-शाम दीपक जलाएं।
- इसके बाद भगवान कार्तिकेय को जल चढ़ाएं और नए वस्त्र अर्पित करें।
- फूल या फूलों की माला चढ़ाएं और फल-मिठाई का भोग लगाएं।
- मान्यता है कि इस दिन किसी विशेष कार्य की सिद्धि के लिए की गई पूजा फलदायी होती है।

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