विज्ञापन
Home  dharm  vrat  sawan 2024 know rudrabhishek puja samagri vidhi mahatva what is rudrabhishek

Sawan Rudrabhishek 2024: रुद्राभिषेक के लिए किन सामग्रियों का होना जरूरी? जानिए सावन में रुद्राभिषेक की विधि

जीवांजलि धर्म डेस्क Published by: निधि Updated Thu, 11 Jul 2024 01:26 PM IST
सार

Sawan Rudrabhishek 2024: शिव जी का प्रिय महीना सावन 22 जुलाई 2024 से शुरू हो रहा है। इस महीने में लोग भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए पूजा-अर्चना करते हैं।

Sawan Rudrabhishek 2024:
Sawan Rudrabhishek 2024:- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Sawan Rudrabhishek 2024: शिव जी का प्रिय महीना सावन 22 जुलाई 2024 (Sawan 2024) से शुरू हो रहा है। इस महीने में लोग भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए पूजा-अर्चना करते हैं। सावन में रुद्राभिषेक भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। रुद्राभिषेक एक पूजा और धार्मिक कृत्य है, जो भगवान शिव के भक्तों द्वारा किया जाता है। इस प्रक्रिया में शिवलिंग पर जल, धूप, दीप और बिल्वपत्र चढ़ाए जाते हैं और मंत्रों का जाप भी किया जाता है। रुद्राभिषेक का मुख्य उद्देश्य भगवान शिव की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करना है। यह पूजा एक विशेष प्रकार की भक्ति और समर्पण है, जिसमें शिव के गुणों को याद करके उनकी कृपा पाने का प्रयास किया जाता है। आइए जानते हैं क्या है रुद्राभिषेक What Is Rudrabhishek? और क्या है इसका महत्व...
विज्ञापन
विज्ञापन

रुद्राभिषेक का अर्थ (Meaning of Rudrabhishek)

रुद्राभिषेक दो शब्दों रुद्र और अभिषेक से मिलकर बना है। भगवान शिव को रुद्र भी कहा जाता है। अभिषेक का अर्थ है स्नान कराना। इस तरह रुद्राभिषेक का अर्थ है भगवान शिव का अभिषेक करना। इसीलिए शिव पूजा में रुद्राभिषेक जरूर किया जाता है। इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।

रुद्राभिषेक के लिए आवश्यक सामग्री (Sawan Rudrabhishek 2024 Samagri)

रुद्राभिषेक के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्रियों में मुख्य रूप से जल, दूध, घी, दही, शहद, सुगंध, धूप, दीप, पुष्प, बेलपत्र, रुद्राक्ष, माला, कुश आदि शामिल हैं।
विज्ञापन

रुद्राभिषेक कब करें? (When to do Rudrabhishek?)

रुद्राभिषेक के लिए शिवलिंग में भगवान भोलेनाथ की उपस्थिति देखना बहुत जरूरी है। ऐसा कहा जाता है कि शिवरात्रि, प्रदोष और सावन सोमवार के दौरान भगवान शिव सभी शिवलिंगों में विराजमान रहते हैं। ऐसे में यह समय रुद्राभिषेक के लिए सबसे अच्छा है।

रुद्राभिषेक के प्रकार (Types of Rudrabhishek)

- झगड़े दूर करने के लिए दही से रुद्राभिषेक करें।
- अच्छे स्वास्थ्य के लिए भांग से रुद्राभिषेक करें।
- घी की धारा से रुद्राभिषेक करने से वंश बढ़ता है।
- ग्रह दोष दूर करने के लिए गंगाजल से रुद्राभिषेक करें।
- धन प्राप्ति के लिए गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करें।
- घर में सुख-शांति के लिए दूध से रुद्राभिषेक करें।
- शिक्षा में सफलता के लिए शहद से रुद्राभिषेक करें।
- शत्रुओं को परास्त करने के लिए भस्म से रुद्राभिषेक करें।

रुद्राभिषेक विधि (Rudrabhishek Vidhi)

- रुद्राभिषेक से पहले भगवान गणेश, देवी पार्वती, ब्रह्मदेव, देवी लक्ष्मी, नवग्रह, माता पृथ्वी, अग्नि देव, सूर्य देव और मां गंगा का ध्यान कर उनकी पूजा करें। 
- इसके बाद पुनः रुद्राभिषेक प्रारंभ करें। शिवलिंग को उत्तर दिशा में रखें और रुद्राभिषेक करने वालों का मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। 
- इसके बाद श्रृंगी में गंगाजल डालकर शिवलिंग पर चढ़ाएं और ॐ नमः शिवाय मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र, शिव तांडव स्तोत्र का जाप करें।
- अंत में पूरे परिवार के साथ भगवान शिव की आरती करें।
-  आरती के बाद अभिषेक के जल को पूरे घर में छिड़कें।
-  पूरे घर में रुद्राभिषेक का जल छिड़कने से बीमारियों से मुक्ति मिलती है।

यह भी पढ़ें:-
Unluck Plants for Home: शुभ नहीं, बल्कि अशुभ माने जाते हैं ये पौधे ! घर में लगाने से आती है दरिद्रता
What is Karma Akarama Vikarma : कर्म अकर्म और विकर्म क्या है? जानिए
Panchmukhi Shiv: भगवान शिव के क्यों है पांच मुख? जानिए इन 5 मुख का रहस्य
विज्ञापन