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Margashirsha Ravi Pradosh Vrat: प्रदोष व्रत के दिन करें ये आसान उपाय,शिव जी के साथ मिलेगी सूर्य देव की कृपा

jeevanjaliPublished by:
निधि
सार

Margashirsha Ravi Pradosh Vrat: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, प्रदोष व्रत हर महीने के दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। प्रदोष व्रत भगवान शिव शंकर को समर्पित है। वार के अनुसार, प्रदोष व्रत का नाम होता है।

प्रदोष व्रत के उपाय
Margashirsha Ravi Pradosh Vrat: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, प्रदोष व्रत हर महीने के दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। प्रदोष व्रत भगवान शिव शंकर को समर्पित है। वार के अनुसार, प्रदोष व्रत का नाम होता है। इस बार त्रयोदशी तिथि 10 दिसंबर 2023, रविवार को पड़ रही है इसलिए इस बार इसे रवि प्रदोष व्रत कहा जाएगा। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए यह तिथि बहुत महत्वपूर्ण है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष व्रत को विधि-विधान से करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के जीवन को सुख, शांति और समृद्धि से भर देते हैं। जो भी व्यक्ति प्रदोष व्रत को नियम और श्रद्धा से करता है, उसके सभी कष्ट नष्ट हो जाते हैं। अलग-अलग दिन पड़ने वाले प्रदोष की महिमा अलग-अलग होती है। वार के अनुसार भी इस व्रत का महत्व और लाभ भी उसी के अनुसार प्राप्त होता है। इस बार रवि प्रदोष है इसलिए इस दिन कुछ उपाय करने से भगवान शिव के साथ सूर्य देव की कृपा भी प्राप्त होगी। आइए जानते हैं उन उपायों के बारे में...  

- अगर संपत्ति से जुड़ी कोई समस्या है और इसके कारण कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं तो इससे बचने के लिए रवि प्रदोष के दिन चावल मिले जल से शिवलिंग का अभिषेक करें। इससे आपको निश्चित तौर पर अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे। 

- घर में सुख-शांति बनाए रखने के लिए रवि प्रदोष व्रत के दिन जौ के आटे को भगवान शंकर के चरणों से स्पर्श कराएं और फिर इसकी रोटियां बनाएं। इसे गाय या बैल को खिलाने से घर में सुख-समृद्धि आती है।

- रवि प्रदोष व्रत के दिन दूध में थोड़ा सा केसर और फूल मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से दांपत्य जीवन में मिठास बनी रहती है। धर्म शास्त्रों में भी मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए इस उपाय को सर्वोत्तम माना गया है। 

- मान्यता है कि रवि प्रदोष के दिन रुद्राक्ष या चंदन की माला से 108 बार “ओम नमः शिवाय” मंत्र का जाप करने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। साथ ही आत्मशक्ति मिलती है और भय दूर होता है। 

- इस दिन रविवार है, ऐसे में सूर्य की पूजा भी की जाती है। धन प्राप्ति का आशीर्वाद पाने के लिए सूर्य प्रदोष व्रत के दिन तांबे के लोटे में जल भरें, तांबे के दीपक में कलावे की बाती रखें और सूर्य स्तोत्र का दिन में कई बार पाठ करें। एक बात का ध्यान रखें कि मुख पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए। मान्यता के अनुसार ऐसा करने से स्वास्थ्य लाभ भी मिलेगा और धन में भी वृद्धि हो सकती है।

भगवान शिव को भूलकर भी न चढ़ाए ये चीजें

शास्त्रों में कहा गया है कि भगवान शिव को हल्दी चढ़ाना वर्जित है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हल्दी का उपयोग श्रृंगार के रूप में किया जाता है और इसे स्त्री तत्व माना जाता है।

भगवान शिव की पूजा करते समय शिवलिंग पर सिन्दूर, कुमकुम, रोली आदि नहीं चढ़ाना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि इन्हें भी श्रृंगार का एक रूप माना जाता है और विवाह की निशानी कहा जाता है।

भगवान शिव की पूजा में तुलसी के पत्तों का प्रयोग भी वर्जित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी ने भगवान शिव को श्राप दिया था कि उनकी पूजा में तुलसी का प्रयोग नहीं किया जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि भगवान शिव ने तुलसी (जिसका नाम वृंदा था) के पति राक्षस जलंधर को मार डाला था। इससे दुखी होकर वृंदा ने भगवान शिव को यह श्राप दिया था।
 

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