1 नवंबर को करवा चौथ के दिन चंद्रोदय सुबह 8:26 बजे होगा। वहीं इस दिन शाम 5 बजकर 44 मिनट से 7 बजकर 02 मिनट तक पूजा का शुभ मुहूर्त है।
करवा चौथ प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला एक दिवसीय त्योहार है जिसमें विवाहित हिंदू महिलाएं सूर्योदय से चंद्रमा निकलने तक उपवास रखती हैं और अपने पतियों की भलाई और दीर्घायु के लिए प्रार्थना करती हैं। इस त्यौहार में अविवाहित महिलाएँ भी अपने मनचाहे जीवन साथी की कामना के लिए प्रार्थना करती हैं। भारतीय चंद्र कैलेंडर के अनुसार, यह त्योहार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है, जो मध्य से अक्टूबर के अंत तक किसी भी समय आ सकता है। यह मुख्य रूप से भारत के उत्तरी राज्यों, जैसे पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में मनाया जाता है।
इस व्रत में महिलाएं 'निर्जला' व्रत रखती हैं, इस दौरान वे पूरे दिन न तो कुछ खाती हैं और न ही पानी की एक बूंद भी पीती हैं। इस त्यौहार में, मां गौरी, जो देवी पार्वती का अवतार हैं, की पूजा की जाती है और लंबे और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए आशीर्वाद दिया जाता है। साल 2023 में कब है करवा चौथ, जानें शुभ मुहूर्त
साल 2023 में करवा चौथ पर पूजा के लिए कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, 1 नवंबर 2023 को करवा चौथ पर पूजा करने का सबसे अच्छा समय शाम 05:36 बजे से शाम 06:54 बजे तक रहेगा। यह शुभ समय अमृतकाल है। इसके अलावा, विवाहित महिलाएं दिन के अभिजीत मुहूर्त के दौरान भी करवा चौथ की पूजा कर सकती हैं। मुहूर्त शास्त्र के अनुसार कोई भी शुभ कार्य या पूजा उस दिन के अभिजीत मुहूर्त में ही करना चाहिए। करवा चौथ पर बन रहा शुभ संयोग
1 नवंबर को करवा चौथ के दिन सर्वार्थ सिद्धि और शिव योग का संयोग बन रहा है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 06 बजकर 33 मिनट से 2 नवंबर को सुबह 04 बजकर 36 मिनट रहेगा। इसके अलावा 1 नवंबर की दोपहर 02 बजकर 07 मिनट से शिवयोग शुरू हो जाएगा। इन दो शुभ संयोग के कारण इस साल करवा चौथ का महत्व और भी बढ़ गया है। करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय
1 नवंबर को करवा चौथ के दिन चंद्रोदय सुबह 8:26 बजे होगा। वहीं इस दिन शाम 5 बजकर 44 मिनट से 7 बजकर 02 मिनट तक पूजा का शुभ मुहूर्त है।