विज्ञापन
Home  dharm  vrat  devshayani ekadashi 2024 date do not do this work even by mistake on devshayani ekadashi

Devshayani Ekadashi 2024: देवशयनी एकादशी पर भूलकर भी न करें ये काम, वरना भगवान विष्णु हो जाएंगे नाराज

जीवांजलि धर्म डेस्क Published by: निधि Updated Fri, 05 Jul 2024 03:22 PM IST
सार

Devshayani Ekadashi 2024: हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 16 जुलाई रात 08 बजकर 33 मिनट पर होगी। वहीं एकादशी तिथि का समापन 17 जुलाई, 2024 दिन बुधवार को रात 09 बजकर 02 मिनट पर होगा।

Devshayani Ekadashi 2024:
Devshayani Ekadashi 2024:- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Devshayani Ekadashi 2024: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बहुत महत्व है. वहीं, आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी के नाम से जाना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति को कई गुना फल की प्राप्ति होती है. इस साल देवशयनी एकादशी 17 जुलाई दिन बुधवार को है. सनातन धर्म में देवशयनी एकादशी वर्ष का वह दिन होता है जब भगवान विष्णु चार माह के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं और कार्तिक शुक्ल एकादशी को जागते हैं. मान्यता के अनुसार इस अवधि में भगवान शिव पृथ्वी को नियंत्रित करते हैं. इस एकादशी तिथि पर यदि व्यक्ति भक्ति भाव से विष्णु जी की पूजा करता है और कुछ उपाय करता है तो उसे सभी पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है.
विज्ञापन
विज्ञापन

देवशयनी एकादशी 2024 शुभ मुहूर्त 

हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 16 जुलाई रात 08 बजकर 33 मिनट पर होगी। वहीं एकादशी तिथि का समापन 17 जुलाई, 2024 दिन बुधवार को रात 09 बजकर 02 मिनट पर होगा। उदयातिथि के आधार पर इस साल देवशयनी एकादशी का व्रत 17 जुलाई को रखा जाएगा।  वहीं इस देवशयनी एकादशी पर सिद्ध योग भी बनेगा। 
विज्ञापन

देवशयनी एकादशी के दिन न करें ये काम

तामसिक चीजों से दूर रहें

देवशयनी एकादशी के दिन व्यक्ति को पूरी तरह से सात्विक आचरण और विचार रखने चाहिए। इस दिन भूलकर भी मांस, प्याज, लहसुन आदि तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही इस दिन किसी भी तरह के नशीले पदार्थ का सेवन भी नहीं करना चाहिए।

भूलकर भी न खाए चावल

देवशयनी एकादशी पर व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए, लेकिन अगर आप इस दिन व्रत नहीं रख पाते हैं तो चावल या चावल से बनी अन्य चीजें जैसे पोहा, पुलाव आदि न खाएं। एकादशी पर चावल खाना सख्त वर्जित है

ब्रह्मचर्य का पालन

एकादशी के दिन शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। इस दिन मन पर पूरा नियंत्रण रखें और पूरे दिन भगवान के मंत्रों का जाप करते रहें।

मन में न लाए बुरे विचार

देवशयनी एकादशी के दिन मन में किसी के प्रति बुरे विचार नहीं लाने चाहिए और न ही किसी को बुरा बोलना चाहिए। इस दिन अपने मन में केवल भगवान के प्रति आस्था और भक्ति रखें।

देवशयनी एकादशी 2024 पूजा विधि

यह एकादशी सभी 24 एकादशियों में सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है,
इसलिए देवशयनी एकादशी के दिन सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करें।
फिर व्रत का संकल्प लें और सूर्य देव को जल चढ़ाएं। इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा के लिए सभी सामग्री एकत्रित करें।
एकादशी की पूजा सामग्री में गंगाजल, पीले फूल, माला, हल्दी, चंदन, पान, सुपारी और इलायची लें।
इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा करें और उन्हें पीली मिठाई का भोग लगाएं।
इसके बाद भगवान विष्णु की आरती करें और लगातार मंत्रों का जाप करते रहें।

यह भी पढ़ें:-
Unluck Plants for Home: शुभ नहीं, बल्कि अशुभ माने जाते हैं ये पौधे ! घर में लगाने से आती है दरिद्रता
What is Karma Akarama Vikarma : कर्म अकर्म और विकर्म क्या है? जानिए
Panchmukhi Shiv: भगवान शिव के क्यों है पांच मुख? जानिए इन 5 मुख का रहस्य
विज्ञापन