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Vinayak Chaturthi 2024: आषाढ़ माह में विनायक चतुर्थी कब ? नोट कर लें तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि

जीवांजलि धर्म डेस्क Published by: निधि Updated Mon, 08 Jul 2024 07:50 AM IST
सार

Vinayak Chaturthi 2024: हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह में दो चतुर्थी पड़ती है। एक शुक्ल पक्ष में और एक कृष्ण पक्ष में। कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते हैं इस साल आषाढ़ मास की विनायक चतुर्थी 09 जुलाई, मंगलवार को पड़ रही है। 

Vinayak Chaturthi 2024:
Vinayak Chaturthi 2024:- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Vinayak Chaturthi 2024: हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह में दो चतुर्थी पड़ती है। एक शुक्ल पक्ष में और एक कृष्ण पक्ष में। कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते हैं, जबकि शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं। इस साल आषाढ़ मास की विनायक चतुर्थी 09 जुलाई, मंगलवार को पड़ रही है। भगवान गणेश के भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और विधि-विधान से पूजा करते हैं। चतुर्थी तिथि भगवान श्री गणेश को समर्पित है। गणेश जी को सभी संकटों को दूर करने वाला और विघ्नहर्ता माना जाता है। भगवान गणेश ऋद्धि-सिद्धि के दाता और शुभ-लाभ के प्रदाता भी हैं। हिंदू धर्म में गणेश जी को सभी संकटों को दूर करने वाला और विघ्नहर्ता माना जाता है। चतुर्थी तिथि पर भगवान गणेश की पूजा करना बहुत ही शुभ माना जाता है। विनायक चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा करने से ज्ञान और समृद्धि की प्राप्ति होती है, लेकिन गणेश जी की पूजा करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। आइए जानते हैं कब है आषाढ़ विनायक चतुर्थी का व्रत और पूजा विधि इसके आलवा इस दौरान कौन से काम नहीं करने चाहिए....
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आषाढ़ विनायक चतुर्थी 2024 कब? (When Is Ashadha Vinayaka Chaturthi 2024?)

पंचांग के अनुसार आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 9 जुलाई 2024 को सुबह 6 बजकर 8 मिनट से हो रही है। अगले दिन 10 जुलाई 2024 को सुबह 7  बजकर 51 मिनट पर  इस तिथि का समापन होगा। उदया तिथि के अनुसार 09 जुलाई 2024 विनायक चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। 

विनायक चतुर्थी 2024 शुभ मुहूर्त (Vinayaka Chaturthi 2024 Auspicious Time)

जो लोग 9 जुलाई को विनायक चतुर्थी का व्रत रखेंगे, वे सुबह 11बजकर 03 बजे से भगवान गणेश की पूजा शुरू कर सकते हैं। विनायक चतुर्थी पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 03 मिनट से शुरु होकर दोपहर 01 बजकर 50 बजे तक है।
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विनायक चतुर्थी पूजा विधि (Vinayaka Chaturthi Puja Vidhi)

- विनायक चतुर्थी के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और गणेश जी की पूजा करते हुए उनकी पूजा का संकल्प लें। 
- गणेश जी की मूर्ति को एक आसन पर स्थापित करें और उनका जलाभिषेक करें।
-  भगवान गणेश को चंदन का तिलक लगाएं, वस्त्र, कुमकुम, धूप, दीप, लाल फूल, चावल, पान, सुपारी आदि अर्पित करें। 
- कहा जाता है कि गणेश जी को मोदक और दूर्वा घास बहुत पसंद है। 
- ऐसे में उनकी कृपा पाने के लिए विनायक चतुर्थी के दिन मोदक या लड्डू का भोग लगाएं और दूर्वा जरूर चढ़ाएं।

सिंदूर का तिलक जरूर लगाएं

गणेश जी को सिंदूर बहुत प्रिय है, इसलिए विनायक चतुर्थी पर पूजा करते समय गणेश जी को लाल रंग के सिंदूर का तिलक लगाएं। साथ ही सिंदूर चढ़ाते समय निम्न मंत्र का जाप करें-
"सिन्दूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धनम्। 
शुभदं कामदं चैव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम्॥ " 

विनायक चतुर्थी का महत्व (Importance Of Vinayaka Chaturthi)

हिंदू धर्म में चतुर्थी का विशेष महत्व है। इस दिन विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा करने से सभी समस्याओं का समाधान होता है। साथ ही कार्यों में भी कोई बाधा नहीं आती है।मान्यता के अनुसार, भगवान गणेश की पूजा में जब आप कोई दीपक जलाते हैं, तो उसका स्थान बार-बार न बदलें और न ही उसे गणेश जी के सिंहासन पर रखें। ऐसा करना अशुभ माना जाता है। 

विनायक चतुर्थी पर ना करें ये काम (Don't Do This Work On Vinayak Chaturthi)

- विनायक चतुर्थी पर गणेश जी की स्थापना करने के बाद उन्हें अकेला न छोड़ें, वहां कोई न कोई अवश्य होना चाहिए।
- इसके अलावा गणेश जी की पूजा और व्रत के दौरान मन, कर्म और वाणी से पवित्र रहें। साथ ही जो भी इस दिन व्रत कर रहा है उसे ब्रह्मचर्य के नियमों का पालन करना चाहिए।
- अगर आप विनायक चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा कर रहे हैं तो आपको पूजा सामग्री में तुलसी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से आप गणेश जी के क्रोध के भागी बन सकते हैं।
- पौराणिक मान्यता के अनुसार गणेश जी ने तुलसी को श्राप देकर अपनी पूजा से वर्जित कर दिया था।
- विनायक चतुर्थी व्रत के दौरान ध्यान रखें कि फलाहार में गलती से भी नमक का सेवन न करें।
- विनायक चतुर्थी पर काले कपड़े न पहनें, मान्यता है कि काला रंग नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है

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