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Gupt Navratri 2024: गुप्त नवरात्रि पर नौ दिनों तक माता रानी को लगाएं ये चीजें, पूरी होगी हर मनोकामना

जीवांजलि धर्म डेस्क Published by: निधि Updated Mon, 24 Jun 2024 02:22 PM IST
सार

Gupt Navratri 2024: इस साल आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 06 जुलाई 2024 से शुरू हो रही है. गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं की पूजा की जाती है. दस महाविद्याएं मां दुर्गा का ही स्वरूप हैं.

Ashadha Gupt Navratri 2024:
Ashadha Gupt Navratri 2024:- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Gupt Navratri 2024: इस साल आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 06 जुलाई 2024 से शुरू हो रही है. गुप्त नवरात्रि के नौ दिनों में महाविद्याओं की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि में मां के नौ स्वरूपों की पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है। शास्त्रों के अनुसार जो लोग गुप्त नवरात्रि में पूरे विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा करते हैं, मां अम्बे प्रसन्न होती हैं और उन पर विशेष कृपा बरसाती हैं। नवरात्रि के इन पावन दिनों में माता रानी के भक्त सुबह-शाम पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और भोग लगाकर मां दुर्गा की आराधना करते हैं। ऐसे में अगर नौ दिनों तक मां दुर्गा को खास चीजों का भोग लगाया जाए तो मां जल्द प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों को सुख, सौभाग्य और आरोग्य का आशीर्वाद देती हैं। गुप्त नवरात्रि में तंत्र साधना की जाती है, जिसे बहुत कठिन माना जाता है. तंत्र विद्या में इन 10 महाविद्याओं का विशेष महत्व है. इन 10 विद्याओं की साधना और पूजा से विशेष फल की प्राप्ति होती है. अब जल्द ही आषाढ़ गुप्त नवरात्रि शुरू होने वाली है. ऐसे में आइए जानते हैं घटस्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में...
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गुप्त नवरात्रि 2024 की तिथि - Gupt Navratri 2024 puja vidhi

हिंदू पांचाग के अनुसार इस साल गुप्त नवरात्रि 6 जुलाई से शुरू होगी वहीं, यह आषाढ़ महीने में मनाई जाती है। भक्तों को बता दें कि इस साल गुप्त नवरात्रि 9 दिनों की जगह 10 दिनों तक मनाई जाएगी, यानी इसका समापन 15 जुलाई को होगा।

गुप्त नवरात्रि घटस्थापना का शुभ मुहूर्त - Gupt Navratri Shubh Muhurat 

 गुप्त नवरात्रि में भी घटस्थापना यानी कलश स्थापना का बहुत महत्व है। इस साल घटस्थापना यानी की कलश स्थापना  का शुभ समय सुबह 5 बजकर 11 मिनट से शुरू होकर 7 बजकर 26 मिनट  तक रहेगा। अगर आप इस समय में माता रानी की पूजा नहीं कर पाते तो अभिजीत मुहूर्त में भी कलश स्थापना कर सकते हैं। माना जाता है कि अगर मुहूर्त के अनुसार घटस्थापना की जाए तो देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
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अभिजीत मुहूर्त का समय- सुबह 11 बजे से शुरू होकर दोपहर के 12 बजे तक रहेगा, यानी मां के भक्तों के लिए कलश स्थापना के लिए पूरा एक घंटा मिलेगा।

गुप्त नवरात्रि पर लगाएं इन चीजों का  भोग

प्रतिपदा तिथि पर रोग मुक्त रहने के लिए देवी शैलपुत्री को गाय के घी से बनी सफेद चीजें अर्पित करें।
द्वितीया तिथि पर लंबी उम्र के लिए द्वितीया तिथि को  मां ब्रह्मचारिणी को मिश्री, चीनी और पंचामृत का भोग लगाएं।
तृतीया तिथि पर जीवन में आ रही परेशानियों से मुक्ति पाने के लिए देवी चंद्रघंटा को दूध और दूध से बने पदार्थ अर्पित करें।
चतुर्थी तिथि पर तेज बुद्धि और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने के लिए मां कुष्मांडा को मालपुए का भोग लगाएं। 
पंचमी तिथि पर मां स्कंदमाता को स्वास्थ शरीर के लिए केले का भोग लगाएं। 
षष्ठी तिथि के दिन आकर्षक व्यक्तित्व और सुंदरता पाने के लिए  मां कात्यायनी को शहद का भोग लगाएं। 
सप्तमी तिथि के दिन संकटों से बचने के लिए मां कालरात्रि की पूजा में गुड़ का नैवेद्य अर्पित करें। 
अष्टमी तिथि पर संतान संबंधी समस्या से छुटकारा पाने के लिए मां महागौरी को नारियल का भोग लगाएं। 
नवमी पर सुख-समृद्धि के लिए मां सिद्धिदात्री को हलवा, चना-पूरी, खीर आदि का भोग लगाएं। 

कलश स्थापना के लिए सामग्री - kalash Sthapna Ki Samigri 

 नवरात्रि में कलश स्थापना बेहद शुभ माना जाता है। इसके आलवा मिट्टी, मिट्टी का घड़ा, मिट्टी का ढक्कन, कलावा, जटा वाला नारियल, जल, गंगाजल, लाल रंग का कपड़ा, एक मिट्टी का दीपक, मौली, थोड़ा सा अक्षत, हल्दी-चूने से बना तिलक आदि चीजें जरूर रखें।  

इस विधि से करें पूजा

- गुप्त नवरात्रि के नौ दिन  मां दुर्गा की पूजा विधि-विधान से करें।
- नवरात्रि के नौ दिन सबसे पहले मां जगदंबे की मूर्ति स्थापित कर लाल रंग का सिंदूर और चुनरी अर्पित करें।
- इसके बाद माता रानी के चरणों में 7 कौड़ियां, 7 कपूर, 7 लौंग अर्पित करें।
- पूजा के समय मां दुर्गा को लाल पुष्प अर्पित करें। इसके बाद सरसों के तेल से दीपक जलाकर 'ऊँ दुं दुर्गायै नमः' मंत्र का जाप करें। 

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