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Thursday Puja: गुरुवार के दिन क्यों की जाती है भगवान विष्णु की पूजा, जानिए

जीवांजलि धार्मिक डेस्क Published by: कोमल Updated Thu, 20 Jun 2024 07:08 AM IST
सार

Thursday Puja: गुरुवार बृहस्पति देव और भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन ये पूरे विधि-विधान से देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। कुंडली में गुरु अगर मजबूत है तो व्यक्ति को जीवन में खूब तरक्की मिलती है।

भगवान विष्णु
भगवान विष्णु- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Thursday Puja: गुरुवार बृहस्पति देव और भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन ये पूरे विधि-विधान से देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। कुंडली में गुरु अगर मजबूत है तो व्यक्ति को जीवन में खूब तरक्की मिलती है। सभी काम सफल होते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। वहीं अगर गुरु कमजोर है तो व्यक्ति को हर काम में असफलता मिलती है और आर्थिक तंगी भी बनी रहती है। आइए आपको बताते हैं कि गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा क्यों की जाती है?

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गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा क्यों की जाती है?

हिंदू धर्म के अनुसार हर दिन किसी न किसी देवता को समर्पित होता है, उसी तरह गुरुवार को विष्णु जी का विशेष दिन माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार माना जाता है कि पक्षियों में विशेष गरुड़ देव ने गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा करके उन्हें प्रसन्न किया था और उन्हें विष्णु जी का आशीर्वाद प्राप्त हुआ था। उसी दिन से गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा के लिए सबसे शुभ दिन माना जाने लगा।

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गुरुवार के दिन पूजा का महत्व

मान्यता है कि इस दिन भगवान बृहस्पति का व्रत रखना शुभ माना जाता है। गुरुवार को श्रद्धापूर्वक भगवान की पूजा करने से परिवार में सुख-शांति का माहौल बना रहता है। शास्त्रों के अनुसार जिस घर में गुरुवार व्रत का विधान होता है, वहां महालक्ष्मी जी का वास होता है और घर में आर्थिक समस्याएं उत्पन्न नहीं होती हैं।

गुरुवार व्रत पूजा विधि

गुरुवार को पूजा के समय भगवान विष्णु जी को हल्दी, चने की दाल, पीले रंग के कपड़े, गुड़, नैवेद आदि अर्पित किए जाते हैं। इस दिन पूजा करते समय या किसी भी हाल में पीले रंग के कपड़े पहनने और वस्त्र दान करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। व्रत के दिन सुबह उठकर स्नान करें और घर के मंदिर में जाकर भगवान को साफ करें और उन्हें चावल और पीले फूल अर्पित करें।

तांबे के लोटे में जल लें और उसमें थोड़ी हल्दी डालकर भगवान विष्णु या केले के पेड़ की जड़ को स्नान कराएं। अब उस लोटे में गुड़ और चने की दाल डालकर रख दें। अगर आप केले के पेड़ की पूजा कर रहे हैं तो उस पर जल का यह मिश्रण डालें और अगर आप भगवान विष्णु की पूजा कर रहे हैं तो पूजा के बाद इस जल को पौधों में डालें।

अब भगवान को हल्दी या चंदन से तिलक लगाने के बाद पीले चावल जरूर चढ़ाएं, घी का दीपक जलाएं और कथा शुरू करें। कथा के बाद एक उपला लें, उसे गर्म करें और उस पर घी डालें और जैसे ही अग्नि जल जाए, उसमें हवन सामग्री अर्पित करें। साथ ही गुड़ और चना भी डालें। ॐ गुं गुरुवे नमः मंत्र का 5, 7 या 11 बार जाप करें और हवन पूरा करने के बाद भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की आरती करें। अंत में क्षमा प्रार्थना करना न भूलें।


गुरुवार के दिन करें ये काम 


-गुरुवार की शाम को एक गुड़ की डली और 7 साबुत हल्दी की गांठ और एक रुपए का सिक्का पीले कपड़े में बांधकर किसी अज्ञात स्थान पर फेंक दें। मान्यता है कि ऐसा करने से अधूरी मनोकामना जल्द पूरी होती है।

-इस दिन बृहस्पति देव को गुड़ का भोग लगाने से न सिर्फ गुरु बल्कि सूर्य और मंगल भी सकारात्मक प्रभाव देते हैं। इसके प्रभाव से गुरुवार को ये काम करने से आपके काम में रुकावटें नहीं आएंगी और काम आसानी से बनेंगे।

-गुरुवार को जितना हो सके पीले रंग की चीजों का इस्तेमाल करना चाहिए। सुबह स्नान के बाद पीले कपड़े पहनें। इसके अलावा अगर आप व्रत रखते हैं तो पीले फलों का सेवन करें।

-गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन स्नान के बाद 'ॐ बृ बृहस्पते नमः' का जाप करने से धन में उन्नति होती है।

-गुरुवार को भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी धन और समृद्धि के प्रतीक हैं। इस दिन गुरुवार की व्रत कथा भी पढ़ें। इससे दांपत्य जीवन सुखमय होता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

-गुरुवार के दिन आटे की लोई में चने की दाल, गुड़ और हल्दी डालकर गाय को खिलाएं। 

-इसके अलावा नहाते समय पानी में एक चुटकी हल्दी डालें। 

-साथ ही इस दिन अपनी क्षमता के अनुसार किसी गरीब को चने की दाल, केला, पीले कपड़े दान करें। 

- गुरुवार के दिन न तो किसी को कर्ज देना चाहिए और न ही किसी से लेना चाहिए। कहा जाता है कि ऐसा करने से जातक की कुंडली में गुरु की स्थिति खराब हो सकती है, जिससे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।

 

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