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Surya Dev Worship: क्यों की जाती है रविवार को सूर्य देव की पूजा ? जानिए वजह और पूजा विधि

जीवांजलि धार्मिक डेस्क Published by: कोमल Updated Sun, 16 Jun 2024 07:08 AM IST
सार

Surya Dev: हिंदू धर्म में सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी-देवता की पूजा और व्रत के लिए समर्पित होता है। रविवार की बात करें तो इस दिन भगवान सूर्य की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है। 

सूर्यपूजा
सूर्यपूजा- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Surya Dev: हिंदू धर्म में सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी-देवता की पूजा और व्रत के लिए समर्पित होता है। रविवार की बात करें तो इस दिन भगवान सूर्य की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है। हिंदू धर्म में सूर्य देव की पूजा और व्रत को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। क्योंकि सूर्य देव ही एकमात्र ऐसे देवता हैं जो नियमित रूप से सभी लोगों को दर्शन देते हैं। मान्यता है कि जो व्यक्ति रविवार के दिन व्रत रखता है उसे भगवान भास्कर की कृपा से निरोगी काया मिलती है, जीवन में शांति और समृद्धि आती है और समाज में उसका मान-सम्मान भी बढ़ता है। आइए आपको बताते हैं कि रविवार के दिन क्यों की जाती है सूर्य देव की पूजा

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रविवार को सूर्य देव की पूजा क्यों की जाती है?

हिंदू धर्म में हर दिन किसी न किसी देवता को समर्पित होता है। इसी तरह रविवार का दिन भी सूर्य देव को समर्पित है। भगवान की आंख और ग्रहों के राजा माने जाने वाले सूर्य देव के लिए रविवार को की गई पूजा सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। ऐसा माना जाता है कि अगर कोई व्यक्ति किसी कारणवश हर दिन सूर्य देव की पूजा नहीं कर पाता है तो रविवार को पूजा करने से उसे सातों दिन की पूजा के बराबर फल मिलता है।

सूर्यदेव  को जल कैसे चढ़ाएं?

प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में भगवान सूर्य को जल चढ़ाने का महत्व बताया गया है। प्रतिदिन सुबह तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें लाल फूल और चावल डालकर प्रसन्न मन से सूर्य मंत्र का जाप करते हुए भगवान सूर्य को जल चढ़ाना चाहिए। इस अर्घ्य से भगवान सूर्य प्रसन्न होते हैं और दीर्घायु, आरोग्य, धन, धान्य, पुत्र, मित्र, तेज, यश, विद्या, वैभव और सौभाग्य प्रदान करते हैं।
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सूर्य पूजा में किन नियमों का करें पालन ?

1- रविवार यानि सूर्य देव के व्रत में पवित्रता और नियमों का बहुत ध्यान रखना होता है। रविवार के व्रत से एक दिन पहले नियमों का पालन करना होता है। व्रत से एक दिन पहले मांसाहारी भोजन (मांसाहारी भोजन) का सेवन न करें।
2- रविवार यानि शनिवार की रात को दांत साफ करके सोएं ताकि मुंह में अन्न का एक भी दाना न रहे।
3- रविवार व्रत के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें। नहाने के पानी में काले तिल और गंगा जल मिलाना शुभ होता है।
4- स्नान के बाद तीन बार अर्घ्य देकर सूर्य नारायण को प्रणाम करें। शाम को अर्घ्य देकर फिर से सूर्य को प्रणाम करें।
5- नियमित रूप से आदित्य हृदय का पाठ करें।
6- स्वास्थ्य लाभ की कामना, नेत्र रोगों से बचने और अंधेपन से बचाने के लिए प्रतिदिन 'नेत्रोपनिषद' का पाठ करना चाहिए। 

रविवार के दिन कैसे करें पूजा ?

रविवार के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और स्वच्छ लाल वस्त्र पहनें।
सबसे पहले एक लोटे में जल, चंदन, अक्षत और लाल फूल डालकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें।
इसके बाद घर के ईशान कोण में एक चौकी पर भगवान सूर्य की मूर्ति, चित्र या सूर्य मंत्र का जाप करके स्थापित करें।
इस व्रत को शुरू करने से पहले सूर्यदेव का स्मरण करें और संकल्प लें कि - हे सूर्यदेव, मैं आने वाले 12 या 30 रविवार तक व्रत रखने का संकल्प लेता हूं, इसलिए कृपया मेरा यह व्रत पूजन स्वीकार करें।
इसके बाद अपना व्रत शुरू करें।
सबसे पहले सूर्यदेव को जल, कुमकुम, चंदन और पुष्प छिड़ककर स्नान कराएं।
इसके बाद सूर्यदेव को कोई भी मौसमी फल अर्पित करें।
सूर्यदेव का स्मरण करते हुए 'ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः' मंत्र का 12 या 5 या 3 बार जाप करें।
रविवार व्रत कथा सुनें और आरती करें।
शाम को सूर्यास्त के समय एक बार फिर एक बर्तन में जल, चंदन, अक्षत और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।

रविवार व्रत में क्या खाएं


रविवार व्रत में सूर्यास्त के बाद ही भोजन करें तथा गेहूं की रोटी, दलिया, दूध, दही तथा घी और चीनी आदि का सेवन करें। दिन में फल खा सकते हैं। रविवार व्रत में नमक न खाएं।

रविवार के दिन  ना करें ये काम

1- तेल, नमक, मांस या शराब का सेवन न करें।

2- बाल न कटवाएं तथा तेल से मालिश न करें।

3- तांबे की धातु से बनी वस्तुओं का क्रय-विक्रय न करें।

4- नीले, काले तथा भूरे रंग के कपड़े न पहनें, तथा यदि आवश्यक न हो तो जूते पहनने से बचें।

5- ऐसा कोई काम न करें जिसमें दूध किसी भी तरह से जल जाए।
 

सूर्य देव की पूजा करने के क्या हैं  लाभ

1. ग्रहों का राजा:

सूर्य देव को नवग्रहों का राजा माना जाता है। रविवार को इनकी पूजा करने से ग्रहों की शुभता बढ़ती है और कुंडली में सूर्य ग्रह से जुड़े दोष कम होते हैं।

2. जीवनदायिनी शक्ति:

सूर्य ऊर्जा और जीवन का स्रोत हैं। रविवार को इनकी पूजा करने से हमें इनकी ऊर्जा प्राप्त होती है, जिससे हमें शक्ति, स्वास्थ्य और सफलता मिलती है।

3. पापों का नाश:

रविवार को सूर्य देव की पूजा करने से पापों का नाश होता है और मन शुद्ध होता है।

4. मनोकामना पूर्ति:

रविवार को सूर्य देव की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

5. रोगों का नाश:

रविवार को सूर्य देव की पूजा करने से रोगों का नाश होता है और स्वास्थ्य अच्छा रहता है।

6. ग्रह शांति:

यदि आपकी कुंडली में सूर्य ग्रह कमजोर है या उससे अशुभ प्रभाव है, तो रविवार को सूर्य देव की पूजा करने से ग्रह शांति प्राप्त होती है।

7. सकारात्मकता:

रविवार को सूर्य देव की पूजा करने से मन में सकारात्मकता आती है और नकारात्मक विचार दूर होते हैं।


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