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Surya Arghya: किन लोगों को नहीं चढ़ाना चाहिए सूर्य देव को जल? जानिए

जीवांजलि धार्मिक डेस्क Published by: कोमल Updated Mon, 01 Jul 2024 05:06 AM IST
सार

Surya Arghya:  ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है। साथ ही यह भी माना जाता है कि अगर कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत है तो व्यक्ति को जीवन में अपार धन की प्राप्ति होती है। मान्यताओं के अनुसार

SURYADEV JAL
SURYADEV JAL- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Surya Arghya:  ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है। साथ ही यह भी माना जाता है कि अगर कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत है तो व्यक्ति को जीवन में अपार धन की प्राप्ति होती है। मान्यताओं के अनुसार, रोजाना सूर्य देव को जल चढ़ाने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें सूर्य देव को जल चढ़ाने से मना किया जाता है। आइए जानते हैं वो लोग कौन हैं?
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किन लोगों को सूर्य देव को जल नहीं चढ़ाना चाहिए Kin Logon Ko Surya Dev Ko Jal Nahin Chadhaana Chaahiye

बिना नहाए सूर्य देव को कभी भी जल नहीं चढ़ाना चाहिए। साथ ही अगर किसी व्यक्ति के परिवार में सूतक चल रहा है तो उसे सूर्य को अर्घ्य नहीं देना चाहिए। घर में किसी के जन्म या मृत्यु की स्थिति में सूतक लग जाता है। अगर कोई व्यक्ति किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित है, जिसके कारण वह सूर्य को अर्घ्य नहीं दे पा रहा है तो ऐसी स्थिति में भी सूर्य को जल न चढ़ाएं। वहीं अगर कोई महिला मासिक धर्म में है तो उसे भी अर्घ्य देने से बचना चाहिए।

सूर्य को अर्घ्य देने की विधि Surya Ko Arghy Dene Kee Vidhi

सबसे पहले सूर्योदय से पहले उठ जाएं। इसके बाद स्नान करके साफ कपड़े पहनें। इसके बाद एक लोटे में जल लें और उसमें लाल चंदन, लाल फूल, कुमकुम और चावल आदि डालें। सूर्य अर्घ्य के लिए तांबे के लोटे का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। इसके बाद सूर्य की ओर मुंह करके तांबे के लोटे को दोनों हाथों से पकड़कर सूर्य देव को अर्घ्य दें। शुभ फल पाने के लिए इस दौरान ॐ सूर्याय नमः मंत्र का जाप करते रहें।
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सूर्य को जल चढ़ाने के नियम Surya Ko Jal Chadhaane Ke Niyam


प्रतिदिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और हमेशा उगते सूर्य को अर्घ्य दें।

सूर्य देव को जल चढ़ाने के लिए तांबे के लोटे का इस्तेमाल करना चाहिए। इस लोटे में जल, चावल, लाल फूल, मिश्री और चुटकी भर हल्दी मिलाकर अर्घ्य देना सबसे अच्छा माना जाता है।
 

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