विज्ञापन
Home  dharm  surya arghya niyam follow these rules while offering water to sun god do not make this mistake even by mistake

Surya Arghya Niyam: सूर्य देव को जल चढ़ाते समय इन नियमों का करें पालन, भूलकर भी न करें ये गलती

जीवांजलि धर्म डेस्क Published by: निधि Updated Sun, 23 Jun 2024 08:00 AM IST
सार

Surya Arghya Vidhi: हिंदू धर्म में रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित होता है। मान्यता है कि सूर्य ही एकमात्र ऐसे देवता हैं जो नियमित रूप से भक्तों को दर्शन देते हैं।

Surya Arghya Vidhi
Surya Arghya Vidhi- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Surya Arghya Vidhi: हिंदू धर्म में रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित होता है। मान्यता है कि सूर्य ही एकमात्र ऐसे देवता हैं जो नियमित रूप से भक्तों को दर्शन देते हैं। व्यक्ति के जीवन में सूर्य का बहुत बड़ा योगदान होता है। कहा जाता है कि अगर कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत हो तो व्यक्ति को जीवन में खूब सफलता और यश मिलता है। वहीं अगर कुंडली में सूर्य की स्थिति ठीक न हो तो व्यक्ति को जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए रोज सुबह सूर्य को जल अर्पित करना चाहिए। हिंदू धर्म में सूर्य को देवता की तरह पूजा जाता है। ज्यादातर लोग सुबह की पूजा करने के बाद सूर्य को अर्घ्य देते हैं। सूर्य को अर्घ्य देने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है और मान-सम्मान में वृद्धि होती है। इसके अलावा अगर किसी कारणवश विवाह में देरी हो रही है तो नियमित रूप से सूर्य को जल अर्पित करने से जल्द ही अच्छे रिश्ते आते हैं। लेकिन सूर्य को जल अर्पित करते समय कई बातों का ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं सूर्य देव को जल अर्पित करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए....
विज्ञापन
विज्ञापन

सूर्य को जल अर्पित करने की विधि  

सूर्यदेव को हमेशा तांबे के बर्तन से जल चढ़ाना चाहिए। एक बात का ध्यान रखें कि सूर्य को जल सुबह यानि सूर्योदय के समय ही चढ़ाएं। सुबह जल चढ़ाना लाभदायक माना जाता है। सूर्य को जल देते समय आपका मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। जल में रोली या लाल चंदन का प्रयोग करें। इसके अलावा सूर्य देव को लाल फूल चढ़ाना भी शुभ माना जाता है।

सूर्य को अर्घ्य देने के लाभ

धार्मिक मान्यता है कि सूर्य को प्रतिदिन जल चढ़ाने से शरीर में सूर्य देव का प्रभाव बढ़ता है। इससे आपकी ऊर्जा बढ़ती है। साथ ही, प्रतिदिन सूर्य को जल चढ़ाने से आत्मशुद्धि और शक्ति मिलती है। समाज में मान-सम्मान भी बढ़ता है।
विज्ञापन

रविवार को अवश्य जपें भगवान सूर्य के मंत्र

रविवार को जल चढ़ाने के बाद सूर्य देव के मंत्रों का जाप करना चाहिए। कहा जाता है कि सूर्य के इन मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। लेकिन एक बात का ध्यान रखें कि सूर्य देव के मंत्रों का उच्चारण सही तरीके से किया जाना चाहिए।

सूर्य देव के मंत्र

ॐ घृणिं सूर्य्य: आदित्य:
ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा
ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:
ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ
ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः
ॐ सूर्याय नम:
ॐ घृणि सूर्याय नम:
ॐ भास्कराय नमः
ॐ अर्काय नमः
ॐ सवित्रे नमः
विज्ञापन