विज्ञापन
Home  dharm  sawan kab se hai on which day in shravan should you perform jalabhishek of shiva know the date

Sawan Kab Se Hai: श्रावण में किस दिन करें शिव का जलाभिषेक, जानिए तिथि

जीवांजलि धार्मिक डेस्क Published by: कोमल Updated Mon, 24 Jun 2024 05:06 AM IST
सार

Sawan Kab Se Hai: हिंदू धर्म में सावन को भगवान शिव का महीना माना जाता है। भगवान शिव के भक्त ही नहीं बल्कि हिंदू धर्म का हर भक्त यह जानने को उत्सुक रहता है कि सावन कब है, कांवड़ यात्रा कब शुरू होगी

सावन कब से है
सावन कब से है- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Sawan Kab Se Hai: हिंदू धर्म में सावन को भगवान शिव का महीना माना जाता है। भगवान शिव के भक्त ही नहीं बल्कि हिंदू धर्म का हर भक्त यह जानने को उत्सुक रहता है कि सावन कब है, कांवड़ यात्रा कब शुरू होगी और इस पवित्र महीने में जल चढ़ाने के लिए कौन सा दिन विशेष और शुभ है। आइए एक-एक करके इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सावन कब है? Saavan Kab Hai?

सनातन धर्म में मान्यता है कि सावन महीने का हर दिन ही नहीं बल्कि इसका हर पल महादेव शंकर को समर्पित है। साल 2024 का सावन 22 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस साल सावन सिर्फ 29 दिनों का है, जो 19 अगस्त 2024 को खत्म होगा। भगवान शिव के भक्तों को यह जानकर खुशी होगी कि इस बार उन्हें 5 बार भगवान शिव की विशेष पूजा करने का मौका मिलेगा, क्योंकि इस साल के सावन में कुल 5 सोमवार हैं। खुशी की बात यह भी है कि इस पवित्र महीने की शुरुआत भी पुण्यदायी सोमवार से हो रही है, जो अपने आप में एक विशेष शुभ संयोग है।

कांवड़ यात्रा कब शुरू होगी? Kaanvad Yaatra Kab Shuru Hogee?


सावन के महीने में शिव भक्त और श्रद्धालु गंगा जी या अन्य पवित्र नदियों और सरोवरों से जल लेकर कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं और भगवान शिव के चरणों और दिव्य शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं। चूंकि इस बार सावन सोमवार से शुरू हो रहा है, इसलिए भक्तों का सवाल है कि पवित्र जल लेकर कांवड़ यात्रा पर जाने के लिए कौन सा दिन शुभ है? आपको बता दें, कुछ शिव भक्त कांवड़ यात्री हरिद्वार और अन्य स्थानों से 300 किलोमीटर से अधिक की यात्रा करके अपने गृहनगर के शिव मंदिर में शिवलिंग का अभिषेक करते हैं।
विज्ञापन


जहां तक कांवड़ पर पवित्र जल लेकर यात्रा पर जाने की शुभ तिथि का सवाल है, पंडितों और ज्योतिषियों के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि लंबी यात्रा पर जाने वालों के लिए सबसे अच्छी होती है। त्रयोदशी तिथि हिंदू धर्म में भगवान शिव को समर्पित तिथि और प्रदोष व्रत का दिन है। कम दूरी की यात्रा करने वाले भक्त चतुर्दशी तिथि से अपनी कांवड़ यात्रा शुरू कर सकते हैं और इससे भी कम दूरी की यात्रा करने वाले भक्त पूर्णिमा के दिन अपनी कांवड़ यात्रा शुरू कर सकते हैं, ताकि वे समय पर यानी सावन के पहले सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक कर सकें। वर्ष 2024 के आषाढ़ शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 18 जुलाई 2024 को पड़ रही है।

सावन में भगवान शिव का जलाभिषेक किस दिन करें  Saavan Mein Bhagavaan Shiv Ka Jalaabhishek Kis Din Karen

राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड सहित पूर्वोत्तर भारत के लिए सावन के महीने में भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए शुभ दिनों की तालिका इस प्रकार है:

22 जुलाई 2024 (सोमवार): शिवरात्रि के आगमन के अवसर पर पहला सोमवार विशेष महत्व रखता है।

29 जुलाई 2024 (सोमवार): दूसरा सोमवार, जिसका भक्तों ने बड़ी श्रद्धा के साथ स्वागत किया।

31 जुलाई 2024 (बुधवार): कामिका एकादशी, इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है।
1 अगस्त 2024 (गुरुवार): प्रदोष व्रत, जलाभिषेक के लिए प्रसिद्ध दिन।
2 अगस्त 2024 (शुक्रवार): सावन मासिक शिवरात्रि, शिव भक्तों के लिए बेहद पवित्र मानी जाती है।
5 अगस्त 2024 (सोमवार): तीसरा सोमवार, भगवान शिव को समर्पित दिन।
12 अगस्त 2024 (सोमवार): चौथा सोमवार, भगवान शिव की पूजा के लिए महत्वपूर्ण।
16 अगस्त 2024 (शुक्रवार): पुत्रदा एकादशी, भगवान शिव की कृपा पाने का पवित्र दिन।
17 अगस्त 2024 (शनिवार): प्रदोष व्रत, जलाभिषेक के लिए विशेष महत्व रखता है।
19 अगस्त 2024 (सोमवार): पांचवां सोमवार, सावन के आखिरी दिन का उत्सव।


 

Akshat Puja: पूजा में क्यों चढ़ाया जाता है अक्षत, जानिए अक्षत का महत्व

Lord Vishnu: भगवान विष्णु को क्यों कहा जाता है नारायण ? जानिए इसके पीछे की कहानी

Shani Upay: कैसे पहचानें कुंडली में कमजोर शनि के लक्षण? जानिए शनि ग्रह को मजबूत करने के उपाय

विज्ञापन