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Sawan 2024: सावन में क्यों झूले जाते हैं झूले, जानिए पौराणिक मान्यता

जीवांजलि धार्मिक डेस्क Published by: कोमल Updated Thu, 20 Jun 2024 05:25 PM IST
सार

Sawan 2024: सावन के महीने में चारों तरफ हरियाली होती है, झूले डाले जाते हैं और पारंपरिक गीत गाए जाते हैं. सावन में झूला झूलने का विशेष महत्व है. कहा जाता है कि झूला झूलने से व्यक्ति में उत्साह और जोश भर जाता है.

सावन 2024
सावन 2024- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Sawan 2024: सावन के महीने में चारों तरफ हरियाली होती है, झूले डाले जाते हैं और पारंपरिक गीत गाए जाते हैं. सावन में झूला झूलने का विशेष महत्व है. कहा जाता है कि झूला झूलने से व्यक्ति में उत्साह और जोश भर जाता है. सावन में झूला झूलने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. आइए आपको बताते हैं कि सावन में झूला क्यों झूला जाता है और इसकी पौराणिक मान्यता क्या है.
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क्या है सावन का महत्व  Kya Hai Saavan Ka Mahatv

हिंदू धर्म में सावन महीने का विशेष महत्व है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी पड़ती है. इस दिन सृष्टि के रचयिता झीर सागर में योग निद्रा में चले जाते हैं. इसके साथ ही वे सृष्टि के संचार की बागडोर भोलेनाथ के हाथों में सौंप देते हैं. ऐसे में भोलेनाथ अपने हर भक्त की पुकार सुनते हैं. कहते हैं कि भोलेनाथ को भक्ति भाव से जल चढ़ाने से वे बेहद प्रसन्न होते हैं. इसके अलावा सावन के महीने में कांवड़ यात्रा भी शुरू होती है।

साल 2024 में कब से शुरू होगा सावन? Saal 2024 Mein Kab Se Shuru Hoga Saavan?

इस साल 22 जुलाई 2024 से सावन महीने की शुरूआत  हो रही है। और 19 अगस्त 2024 को इसका समापन होगा। साल 2024 में सावन की शुरुआत और अंत दोनों ही सोमवार को है, जिससे इसका महत्व दोगुना हो गया है। इस बार सावन 2024 में पांच सोमवार और चार मंगला गौरी व्रत होंगे।
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क्या है सावन के झूलों का धार्मिक महत्व  Kya Hai Saavan Ke Jhoolon Ka Dhaarmik Mahatv

धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो इसका बहुत महत्व बताया जाता है. सावन के महीने में देव स्थानों पर झूले डाले जाते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन के महीने में भगवान श्री कृष्ण ने राधा रानी को झूला झुलाया था. तभी से यह परंपरा शुरू हुई. भगवान श्री कृष्ण की इस परंपरा को लोग लगातार आगे बढ़ा रहे हैं. झूला झूलते समय भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी को याद करते हुए गीत गाए जाते हैं. 

सावन के झूलों की पौराणिक मान्यता Saavan Ke Jhoolon Kee Pauraanik Maanyata

इसके अलावा मान्यता है कि भगवान भोलेनाथ ने माता पार्वती के लिए झूला डाला था और उन्हें अपने हाथों से झुलाया था, जिसके बाद देखा जाता है कि पति अपनी पत्नियों को झूला झुलाते हैं, ऐसा करने से आपस में प्रेम बढ़ता है और परिवार में खुशियां आती हैं। इसके अलावा सावन के मौके पर अगर आप भगवान श्री कृष्ण और भगवान गणेश को झूले में झुलाते हैं तो आपको कई पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। इस दौरान आप सावन के गीत भी गा सकते हैं, इससे आपके परिवार पर भगवान की कृपा बनी रहेगी।

कैसे हुई झूला झूलने की शुरुआत? Kaise Huyi Jhoola Jhoolne ki Shuruaat?

अगर धार्मिक मान्यताओं की बात करें तो झूला झूलने की शुरुआत भगवान कृष्ण और राधा रानी से हुई थी। इसके बाद यह चलन में आया और लोग सावन के मौके पर झूला झूलने की प्रथा निभाते हैं।
 

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