विज्ञापन
Home  dharm  sawan 2024 how to worship on the first monday of sawan know the puja muhurta and puja vidhi

Sawan 2024: सावन के पहले सोमवार पर किस विधि से करें पूजा, जानिए पूजा मुहूर्त और पूजा विधि

जीवांजलि धार्मिक डेस्क Published by: कोमल Updated Fri, 21 Jun 2024 06:07 AM IST
सार

Sawan 2024: सावन सोमवार को भगवान शिव की पूजा के लिए बेहद खास माना जाता है. वहीं सावन में मंगलवार का दिन माता पार्वती को समर्पित होता है. सावन के मंगलवार को मां गौरी का व्रत माता पार्वती को समर्पित होता है

सावन 2024
सावन 2024- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Sawan 2024: सावन का  सोमवार  भगवान शिव की पूजा के लिए बेहद खास माना जाता है. वहीं सावन में मंगलवार का दिन माता पार्वती को समर्पित होता है. सावन के मंगलवार को मां गौरी का व्रत माता पार्वती को समर्पित होता है. हर आषाढ़ पूर्णिमा के बाद सावन का महीना शुरू होता है. सावन में भगवान शिव को सिर्फ एक लोटा जल चढ़ाने से भी भोलेनाथ की अपार कृपा प्राप्त होती है. सावन का महीना हिंदुओं के लिए बेहद शुभ महीना होता है. आइए आपको बताते हैं कि इस साल पहला सावन कब है और इस दिन किस तरह से पूजा करनी चाहिए. 

विज्ञापन
विज्ञापन

2024 में सावन कब से शुरू होगा? 2024 Mein Saavan Kab Se Shuru hoga?

 इस साल सावन का महीना 22 जुलाई 2024 से शुरू हो रहा है. और इसका समापन 19 अगस्त 2024 को होगा. साल 2024 में सावन की शुरुआत और अंत दोनों ही सोमवार को है, जिससे इसका महत्व दोगुना हो गया है. इस बार सावन 2024 में पांच सोमवार और चार मंगला गौरी व्रत होंगे. 

सावन का पहला सोमवार किस दिन पड़ेगा? Saavan Ka Pahala Somavaar Kis Din Padega?

सावन का महीना भगवान शिव को प्रिय होता है. मान्यता है कि सच्चे मन से सावन सोमवार व्रत रखने से महादेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है. पंचांग के अनुसार आषाढ़ पूर्णिमा 21 जुलाई को पड़ रही है. अगले दिन यानी 22 जुलाई से सावन का महीना शुरू हो जाएगा. सावन का पहला सोमवार व्रत इसी दिन यानी 22 जुलाई को पड़ रहा है. 
विज्ञापन

सावन का क्या महत्व है  Saavan Ka Kya Mahatv Hai

 हिंदू धर्म में सावन महीने का विशेष महत्व है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी पड़ती है. इस दिन सृष्टि के रचयिता झीर सागर में योग निद्रा में चले जाते हैं. साथ ही सृष्टि के संचार की बागडोर भोलेनाथ को सौंप देते हैं. ऐसे में भोलेनाथ हर भक्त की पुकार सुनते हैं. कहा जाता है कि भोलेनाथ को भक्ति भाव से जल चढ़ाने से वे बेहद प्रसन्न होते हैं. इसके अलावा सावन के महीने में कांवड़ यात्रा भी शुरू होती है. 


सावन के पहले सोमवार को कैसे करें पूजा Saavan Ke Pahale Somavaar Ko Kaise Karen Pooja

सोमवार को सुबह जल्दी उठें और देवी-देवताओं का ध्यान करके दिन की शुरुआत करें।

इसके बाद स्नान करके साफ कपड़े पहनें।

अब भगवान शिव का विधिवत अभिषेक करें और व्रत का संकल्प लें।

इसके बाद उन्हें सुगंध, फूल, धूप, बेलपत्र, अक्षत आदि अर्पित करें।

देसी घी का दीपक जलाएं और आरती करें और महादेव के मंत्रों का जाप करें।

इस दिन शिव चालीसा का पाठ करना बहुत फलदायी साबित होता है।

भगवान को भांग, फल और मिठाई आदि प्रिय चीजें अर्पित करें। 
 

पूजा के दौरान करें इन मंत्रों का जप (Lord Shiv Mantra)


नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय । नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै नकाराय नम: शिवाय ।।

शिवाय गौरीवदनाब्जवृन्द सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय। श्रीनीलकण्ठाय वृषध्वजाय तस्मै शिकाराय नम: शिवाय ।।

Akshat Puja: पूजा में क्यों चढ़ाया जाता है अक्षत, जानिए अक्षत का महत्व

Lord Vishnu: भगवान विष्णु को क्यों कहा जाता है नारायण ? जानिए इसके पीछे की कहानी

Shani Upay: कैसे पहचानें कुंडली में कमजोर शनि के लक्षण? जानिए शनि ग्रह को मजबूत करने के उपाय

विज्ञापन