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Sadhu cloths color: साधु-संत क्यों धारण करते हैं भगवा और सफेद रंग, जानिए वजह

जीवांजलि धार्मिक डेस्क Published by: कोमल Updated Sun, 23 Jun 2024 03:56 PM IST
सार

Sadhu cloths color : सनातन धर्म में साधु-संन्यासियों की सेवा करना और उन्हें विशेष चीजें दान करना बहुत फलदायी बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से सुख, शांति और समृद्धि बढ़ती है।

साधु वस्त्र का रंग
साधु वस्त्र का रंग- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Sadhu cloths color : सनातन धर्म में साधु-संन्यासियों की सेवा करना और उन्हें विशेष चीजें दान करना बहुत फलदायी बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से सुख, शांति और समृद्धि बढ़ती है। साथ ही साधु-संन्यासियों का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। ऐसी मान्यता है कि जिन लोगों को साधु संतों का आशीर्वाद मिलता है उनके घर में हमेशा सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. साथ ही यह भी कहते हैं कि कभी साधु संतों को द्वार से नहीं लौटाना चाहिए. उनका नाराज होना अच्छा नहीं माना जाता है सनातन धर्म में प्राचीन काल में साधु-संन्यासियों द्वारा केसरिया और सफेद वस्त्र पहनने का रिवाज रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि साधु-संन्यासी केसरिया और सफेद वस्त्र क्यों पहनते हैं? अगर नहीं जानते तो इस लेख में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताएंगे।
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इसलिए पहने जाते हैं केसरिया और सफेद वस्त्र


केसरिया रंग को ऊर्जा और त्याग का प्रतीक माना जाता है। इसलिए साधु-संन्यासी केसरिया रंग के वस्त्र पहनते हैं।

मान्यता के अनुसार केसरिया वस्त्र पहनने से व्यक्ति का मन नियंत्रण में रहता है और किसी भी व्यक्ति के प्रति मन में गलत विचार नहीं आते। इसके अलावा मन भी हमेशा शांत रहता है।

वहीं जैन धर्म में लोग सफेद वस्त्र पहनते हैं। आपने देखा होगा कि जैन धर्म में दो तरह के साधु होते हैं (पहला दिगंबर और दूसरा श्वेतांबर)। दिगंबर जैन साधु कपड़े नहीं पहनते, जबकि श्वेतांबर सफेद कपड़े पहनते हैं।
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इसलिए पूजा के दौरान पीले कपड़े पहने जाते हैं

सनातन धर्म में पूजा और शुभ कार्यों के दौरान पीले कपड़े पहने जाते हैं। जगत के पालनहार भगवान विष्णु को पीला रंग अधिक प्रिय है। इसलिए पूजा के दौरान पीले कपड़े पहनने का अधिक महत्व है।

हरे रंग का महत्व

हरा रंग प्रकृति का सूचक है। इसके अलावा हरा रंग आयुर्वेद का भी प्रतिनिधित्व करता है। ज्योतिष की दृष्टि से हरा रंग बुध का प्रतीक भी माना जाता है। इसलिए पूजा के दौरान हरे रंग का इस्तेमाल किया जाता है। माना जाता है कि पूजा और धार्मिक कार्यों में हरे रंग का इस्तेमाल करने से व्यक्ति को स्वास्थ्य लाभ मिल सकता है।

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