Surya Grahan: सूर्यग्रहण के दौरान इन सावधानियों का पालन करने से गर्भवती महिलाएं खुद को और अपने आने वाले बच्चे को सुरक्षित रख सकती हैं। इसलिए सूर्यग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं भूल से भी ये गलतियां न करें।
Surya Grahan 2025: सूर्यग्रहण एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है, जिसका धार्मिक और ज्योतिषीय दोनों ही दृष्टियों से विशेष महत्व है। हिंदू धर्म और ज्योतिष के अनुसार, ग्रहण को एक अशुभ काल माना जाता है, जब राहु और केतु ग्रह सूर्य को ग्रसित करते हैं। माना जाता है कि इस दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ जाता है। यही कारण है कि सूर्यग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं कि सूर्यग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को कौन से काम नहीं करने चाहिए ताकि वे और उनका होने वाला बच्चा सुरक्षित रह सकें।
भारतीय समय के अनुसार, इस साल सूर्यग्रहण 02 अक्टूबर को करीब रात 9 बजकर 13 मिनट से लगने जा रहा है। रात्रि में यह खगोलीय घटना होने के कारण इस ग्रहण को भारत में नहीं देखा जा सकेगा, लेकिन अर्जेन्टीना एवं चिली में इसे एन्यूलर या वलयाकार ग्रहण के रूप में देखा जा सकेगा। वहीं फिजी, उरुग्वे, ब्राजील, पेरू आदि देशों में पार्शियल या आंशिक सूर्यग्रहण के रूप में देखा जा सकता है। यह ग्रहण रात 3 बजकर 17 मिनट पर समाप्त हो जाएगा।
सूर्यग्रहण के दौरान न करें ये 5 काम
घर से बाहर न निकलें
सूर्यग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को भूलकर भी घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि ग्रहण की हानिकारक किरणें गर्भ में पल रहे शिशु पर बुरा असर डाल सकती हैं, जिससे शिशु को शारीरिक या मानसिक विकृति हो सकती है।
ग्रहण को न देखें
ग्रहण को सीधे आंखों से देखने से बचना चाहिए। यह आंखों के लिए तो हानिकारक है ही, साथ ही गर्भवती महिलाओं के लिए भी अशुभ माना जाता है।
धारदार वस्तुओं का उपयोग न करें
इस दौरान गर्भवती महिलाओं को चाकू, कैंची, सुई या अन्य किसी भी धारदार वस्तु का उपयोग करने से बचना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि इन वस्तुओं का उपयोग करने से बच्चे के अंग विकृत हो सकते हैं।
भोजन न पकाएं और न खाएं
सूर्यग्रहण के समय भोजन पकाना और खाना दोनों वर्जित माना जाता है। माना जाता है कि ग्रहण के प्रभाव से भोजन दूषित हो जाता है, जिसे खाने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। हालांकि, गर्भवती, वृद्ध, बीमार और बच्चों के लिए कुछ छूट होती है, लेकिन फिर भी उन्हें भोजन से बचना चाहिए।
भगवान की मूर्ति को न छुएं
ग्रहण काल में मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इस दौरान भगवान की मूर्तियों को स्पर्श करना अशुभ माना जाता है। इसलिए, गर्भवती महिलाओं को इस दौरान पूजा-पाठ करने से बचना चाहिए।
गर्भवती महिलाएं करें ये काम
गर्भवती महिलाएं घर के अंदर रहें
सूर्यग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर के अंदर रहना चाहिए, ताकि वे ग्रहण के हानिकारक प्रभाव से बच सकें।
मंत्रों का जाप करें
इस दौरान गर्भवती महिलाओं को 'दुर्गा चालीसा', 'हनुमान चालीसा', या 'महामृत्युंजय मंत्र' का जाप करना चाहिए। मंत्रों के जाप से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मन को शांति मिलती है।
गंगाजल का छिड़काव
ग्रहण समाप्त होने के बाद, गर्भवती महिलाओं को स्नान करना चाहिए और पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए।
पीपल के पत्ते रखें
ज्योतिष के अनुसार, ग्रहण काल में गर्भवती महिलाओं को अपनी जीभ पर तुलसी का पत्ता या पीपल का पत्ता रखना चाहिए। इससे राहु-केतु का प्रभाव कम होता है।