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Panchamrit aur Charnamrit: चरणामृत और पंचामृत में क्या अंतर है? जानिए

जीवांजलि धार्मिक डेस्क Published by: कोमल Updated Wed, 26 Jun 2024 05:06 AM IST
सार

Panchamrit aur Charnamrit: हिन्दु धर्म में पंचामृत और चरणामृत दोनों का  विशेष महत्व है आपको बता दें कि पूजा व अनुष्ठान के बाद पंचामृत या चरणामृत को प्रसाद के रूप में दिया जाता है पंचामृत का अर्थ होता है पांच  अमृत

चरणामृत
चरणामृत- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Panchamrit aur Charnamrit: हिन्दु धर्म में पंचामृत और चरणामृत दोनों का  विशेष महत्व है आपको बता दें कि पूजा व अनुष्ठान के बाद पंचामृत या चरणामृत को प्रसाद के रूप में दिया जाता है पंचामृत का अर्थ होता है पांच  अमृत यानि पांच पवित्र चीजों से बना हुआ पदार्थ और चरणामृत का अर्थ होती है भगवान के चरणों का अमृत। ये दोनों ही आपकी आत्मा को शुद्ध करते हैं और साथ ही आपके मन को भी शांति प्रदान करते हैं । इन दोनों पेय पदार्थों को ग्रहण करने से व्यक्ति के अंदर सकारात्मक विचार आते हैं 
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चरणामृत और पंचामृत में अंतर  - Difference between charanamrit and panchamrit

चरणामृत क्या है 

आपको बता दें कि भगवान के चरणों के जल को चरणामृत कहते हैं.

चरणामृत कैसे बनाये ? - Charnamrit Kaise Banaye

एक तांबे के बर्तन में जल भरें इसके बाद उसमे तुलसी का पत्ता तिल और दूसरे औषधीय तत्व मिलाएं। हमेशा घर के मंदिर में तांबे के कलश में तुलसी मिलाकर जल रखना चाहिए इसके साथ चरणामृत बनाने के लिए हमेशा तांबे के बर्तन का इस्तेमाल करना चाहिए। चरणामृत का प्रसाद लेते समय हमेशा ये ध्यान रखें की चरणामृत हमेशा दाएं हाथ से लें। 

चरणामृत के फायदे - Charnamrit Ke Fayde

आयुर्विज्ञान की दृष्टि से चरणामृत स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार तांबे में कई रोगों को दूर करने के गुण होते हैं। यह पौरुष शक्ति को बढ़ाता है। तुलसी एक एंटीबायोटिक है। इसमें कई रोगों को दूर करने की क्षमता होती है। इसका जल मस्तिष्क को शांति और सुकून प्रदान करता है। चरणामृत बुद्धि और स्मरण शक्ति बढ़ाने में भी कारगर है।
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पंचामृत क्या है - What is panchamrit

पांच वस्तुओं को मिलाकर जो प्रसाद तैयार किया जाता है उसे पंचामृत कहते है  आपको बता दें कि इसमे पांच अमृत तत्व एक साथ मिलाए जाते है इसके साथ ही पंचामृत से भगवान का अभिषेक भी किया जाता है 

पंचामृत कैसे बनाये - Panchamrit Kaise Banaye

पंचामृत बनाने के लिए गाय का घी, दही , दूध , शहद , शक्कर  की  जरूरत पड़ती है इन सभी चीजों को मिलाकर पंचामृत बनाया जाता है 

पांचों तत्व किसके प्रतीक हैं 

दूध-पंचामृत के लिए दूध सबसे जरूरी है और ये इस बात की ओर संकेत करता है कि हमारा जीवन  दूध की तरह साफ होना चाहिए हमारे जीवन पर किसी भी तरह का कंलक नहीं होना चाहिए 

दही किसका प्रतीक है 

दही चढ़ाने का अर्थ है कि हम दूध की तरह  निष्कलंक हो कर भगवान को अपनाएं। क्योंकि दही का गुण है कि यह दूसरों को  अपने जैसा बना देता है 

घी किसका प्रतीक है 

आपको बता दें कि घी को स्नेह का प्रतीक माना जाता है क्योंकि घी की भावना है कि हमारे संबंध प्यार से भरे हो।

शहद किसका प्रतीक है 

शहद को शक्ति का प्रतीक कहा जाता है  इसका अर्थ होती है कि हमे अपने जीवन में मजबूत बनना है कमजोर नहीं 

शक्कर किसका प्रतीक है 

शक्कर को मिठास का प्रतीक माना जाता है कहा जाता है शक्कर मिलाने जीवन में  मिठास आती है 

पंचामृत खाने के फायदे

जो भी व्यक्ति पंचामृत का सेवन करता है वो रोग मुक्त हो जाता है। जैसे भगवान को पंचामृत से स्नान किया जाता है उसी तरह अगर इंसान भी स्नान करता है तो उसके शरीर की कांति बढ़ती है।  अमृत को अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए.





 
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