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Mandir se Lautte Samay Ghanti Kyon Nahi Bajate: मंदिर से लौटते समय भूलकर भी न बजाएं घंटी ? जानिए वजह

जीवांजलि धर्म डेस्क Published by: निधि Updated Wed, 12 Jun 2024 08:20 AM IST
सार

Mandir se Lautte Samay Ghanti Kyon Nahi Bajate: हिंदू रीति-रिवाज में पूजा-पाठ को लेकर बहुत सारी मान्यताएं हैं, जिनका पालन आज भी हम सभी करते हैं.

mandir se laute waqt ghanti bajani chahiye ya nahi,
mandir se laute waqt ghanti bajani chahiye ya nahi,- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Mandir se Lautte Samay Ghanti Kyon Nahi Bajate: हिंदू रीति-रिवाज में पूजा-पाठ को लेकर बहुत सारी मान्यताएं हैं, जिनका पालन आज भी हम सभी करते हैं. इन्हीं में से एक नियम है मंदिर में घंटी बजाना. हर हिंदू मंदिर में घंटी होती है और जब भी हम मंदिर जाते हैं और वहां से लौटते हैं तो घंटी जरूर बजाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मंदिर से लौटते समय कभी घंटी नहीं बजाना चाहिए. बहुत से लोगों को ये नहीं पता होता है कि लौटते वक्त घंटी क्यों नहीं बजाना चाहिए. चालिए इस लेख में हम आपको बताते है।

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मंदिर में क्यों बजाई जाती है घंटी?

ध्वनि का संबंध ऊर्जा से है, इसलिए ध्वनि का संबंध ऊर्जा से है। ऐसा माना जाता है कि जब भी मंदिर की घंटी बजाई जाती है, तो घंटी बजाने वाले और आसपास के लोगों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। वास्तु शास्त्र के साथ-साथ स्कंद पुराण में भी इस बात का उल्लेख है कि जब मंदिर की घंटी बजाई जाती है, तो वह 'ॐ' की ध्वनि के समान होती है। 'ॐ' की ध्वनि बहुत ही शुद्ध, पवित्र और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी होती है, इसलिए मंदिर में प्रवेश करते समय घंटी बजाने की परंपरा है।

मंदिर से बाहर निकलते समय इसलिए नहीं बजानी चाहिए घंटी?

अक्सर आपने देखा होगा कि बहुत से लोग मंदिर से बाहर निकलते समय भी घंटी बजाते हैं, उन्हें देखकर अन्य लोग भी मंदिर से बाहर निकलते समय घंटी बजाते हैं जोकि गलत माना जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, मंदिर से बाहर निकलते समय घंटी नहीं बजानी चाहिए क्योंकि ऐसा करने से मंदिर की सकारात्मक ऊर्जा को आप वहीं पर छोड़ देते हैं, इसलिए मंदिर से बाहर निकलते समय घंटी नहीं बजानी चाहिए।
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मंदिर में प्रवेश करते समय क्यों बजानी चाहिए घंटी?

सनातन धर्म में प्राचीन काल से ही पूजा-पाठ को महत्व दिया जाता रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब हम मंदिर में प्रवेश करते समय घंटी बजाते हैं, तो ऐसा माना जाता है कि घंटी की ध्वनि से हमारे शरीर की पूरी नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है और लोगों के लिए सुख-समृद्धि के द्वार भी खुल जाते हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि भगवान को घंटी की ध्वनि बहुत प्रिय होती है। घंटी बजाकर भक्त भगवान से मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति मांगते हैं और देवी-देवताओं का ध्यान अपनी ओर केंद्रित करते हैं और फिर उनकी पूजा करते हैं। घंटी की ध्वनि से शरीर और आसपास के वातावरण में मौजूद सभी बैक्टीरिया और वायरस नष्ट हो जाते हैं, जिससे मंदिर और उसके आसपास का वातावरण भी शुद्ध हो जाता है।

कब-कब बजानी चाहिए घंटी?

शास्त्रों में कहा गया है कि हमें सुबह और शाम घंटी जरूर बजानी चाहिए। सुबह और शाम घंटी बजाने से घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। इसलिए हमें अपने घर में नियमित रूप से घंटी बजानी चाहिए।

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