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Kundli Milan: विवाह से पहले क्यों किया जाता है कुंडली मिलान, जानिए वजह

जीवांजलि धार्मिक डेस्क Published by: कोमल Updated Sun, 16 Jun 2024 05:06 AM IST
सार

Kundli Milan: जब लड़का-लड़की की शादी होती है तो सबसे पहले उनकी कुंडली का मिलान किया जाता है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, लड़के-लड़की के  बेहतर जीवन के लिए कुंडली का मिलान बहुत जरूरी है।

कुंडली मिलान
कुंडली मिलान- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Kundli Milan: जब लड़का-लड़की की शादी होती है तो सबसे पहले उनकी कुंडली का मिलान किया जाता है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, लड़के-लड़की के  बेहतर जीवन के लिए कुंडली का मिलान बहुत जरूरी है। प्राचीन काल से चली आ रही इस परंपरा के कारण, जब विवाह होता है तो कुंडली का मिलान किया जाता है। इससे उनका विवाह अटूट होता है। विवाह करते समय कुंडली का मिलान, गुणों का मिलान, ग्रहों का संतुलन, नाड़ी दोष, मांगलिक आदि सभी महत्वपूर्ण होते हैं। जब लड़के-लड़की की कुंडली का मिलान किया जाता है तो भविष्य में उनके जीवन में किसी भी तरह की समस्या, दुख, बाधा नहीं आती है।
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कुंडली मिलान क्यों किया जाता है

हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार, विवाह से पहले कुंडली का मिलान सबसे पवित्र माना जाता है। वर-वधू की कुंडली का विश्लेषण करके ही लोग यह जान पाते हैं कि उनकी जोड़ी सही रहेगी या नहीं। यह भी एक कारण है कि जब तक लड़के-लड़की के परिवार वाले दोनों लोगों की कुंडली का मिलान करके संतुष्ट नहीं हो जाते, तब तक विवाह संबंध पक्का नहीं किया जाता। वर-वधू की कुंडली मिलाने से हमें पता चलता है कि आने वाला समय धन कमाने और संतान प्राप्ति के लिए कैसा रहेगा।  कुंडली मिलान करने से हमें पता चलता है कि अगर जीवन में किसी तरह की बाधा आ रही है तो उसे कैसे दूर किया जा सकता है।

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नाड़ी, भकूट और ग्रहों का संतुलन जरूरी

सनातन धर्म में जब किसी लड़के और लड़की की शादी का विचार किया जाता है तो सबसे पहले उनकी कुंडलियों का मिलान किया जाता है। कुंडली में गुण मिलान, नाड़ी दोष, भकूट दोष, ग्रहों का संतुलन, ग्रहों की चाल, मांगलिक दोष आदि सभी का अध्ययन और संतुलन किया जाता है। जिसके बाद ग्रहों की चाल के अनुसार किसी खास दिन उनके विवाह का मुहूर्त तय किया जाता है। ऐसा करने से जीवन में आने वाले सभी दुख और परेशानियां खत्म हो जाती हैं और उनका जीवन खुशियों से भर जाता है। विवाह के समय कुंडली मिलाते समय अष्टकूट गुण देखे जाते हैं। मुख्य रूप से कुछ गुणों का मिलान बहुत जरूरी माना जाता है। जिसमें नाड़ी दोष, भकूट दोष, गण, ग्रह मैत्री आदि प्रमुख हैं। मान्यता के अनुसार अगर किसी की कुंडली में नाड़ी दोष है तो विवाह नहीं करना चाहिए।

इन बातों का भी रखा जाता है ध्यान

विवाह तय करते समय लड़के और लड़की के संभावित रिश्ते में मौजूद किसी भी तरह के 'दोष' या ग्रहों की सही स्थिति जानने के लिए कुंडली का मिलान किया जाता है। यह भी एक वजह है कि 36 गुणों में से कम से कम 18 गुणों का मिलान करना बहुत जरूरी है। इसके साथ ही नाड़ी दोष और मांगलिक दोष का विचार भी जरूरी है। हालांकि कुछ लोग यह भी मानते हैं कि लड़के और लड़की की कुंडली का मिलान इसलिए भी जरूरी है ताकि जोड़े को उनके वैवाहिक रिश्ते में आने वाली चुनौतियों के बारे में पता चल सके।

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