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Kokila Vrat 2024: किस शुभ योग में रखा जाएगा कोकिला व्रत, जानिए

जीवांजलि धार्मिक डेस्क Published by: कोमल Updated Tue, 25 Jun 2024 05:51 PM IST
सार

 Kokila Vrat 2024: कोकिला व्रत  हर साल आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि के दिन रखा जाता हैष। ये व्रत  भगवान शिव और मां पार्वती की कृपा पाने के लिए रखा जाता है। इस दिन विधि-विधान से मां पार्वती की पूजा की जाती है

कोकिला व्रत
कोकिला व्रत- फोटो : jeevanjali

विस्तार

 Kokila Vrat 2024: कोकिला व्रत  हर साल आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि के दिन रखा जाता हैष। ये व्रत  भगवान शिव और मां पार्वती की कृपा पाने के लिए रखा जाता है। इस दिन विधि-विधान से मां पार्वती की पूजा की जाती है और उनके निमित्त व्रत रखा जाता है।  इस व्रत को कुंवारी कन्याएं औऱ विवाहित महिलाएं रखती हैं। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि कोकिला व्रत करने से विवाहित महिलाओं के सुख और सौभाग्य में बढ़ोतरी होती है। वहीं जिन लड़कियों  के विवाह में देरी होती है वो भगवान शिव की कृपा पाने के लिए इस व्रत को करें। आइए, कोकिला व्रत की तिथि, शुभ मुहूर्त एवं पूजा विधि जानते हैं-
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किस शुभ मुहूर्त में करें पूजा  - Kokila vrat Shubh Muhurat 

पंचांग के अनुसार, आषाढ़ पूर्णिमा तिथि 20 जुलाई को भारतीय समयानुसार सुबह 5:59 मिनट से शुरू होगी। प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा की जाती है। इसके लिए 20 जुलाई को कोकिला व्रत रखा जाएगा। भक्त 20 जुलाई को कोकिला व्रत रख सकते हैं। आषाढ़ पूर्णिमा 21 जुलाई को है।


कोकिला व्रत में बन रहें हैं कौन से शुभ  योग 

कोकिला व्रत के दिन पूरे दिन रवि योग रहेगा। जबकि, शाम से भद्रावास रहेगा। ज्योतिषियों के अनुसार, रवि योग 20 जुलाई को भारतीय समयानुसार सुबह 05:36 मिनट शुरू होगा। जबकि, 21 जुलाई को सुबह 01:49 मिनट समाप्त होगा। इस दिन नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है।
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कैसे करें कोकिला व्रत पूजा विधि - Kokila Vrat Puja Vidhi 

कोकिला व्रत के दिन सुबह ब्रम्हमुहूर्त में उठें 
इसके बाद स्नान करें 
और भगवान शिव और मां पार्वती का ध्यान करें 
पूरे घर की साफ-सफाई करें 
और गंगाजल छिड़ककर घर को पवित्र करें 
इसके बाद आचमन कर व्रत का संकल्प लें 
और सूर्य देव को जल अर्पित करें 
इसके बाद अपने घर के मंदिर में एक चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं और शिव परिवार की प्रतिमा स्थापित करें 
भगवान शिव संग मां पार्वती की पंचोपचार विधि से पूजा करें 
इस दिन  भगवान शिव को भांग, धतूरा, सफेद फल, फूल, बेलपत्र, आदि चीजें अर्पित करें। 
पूजा के समय मंत्रों का और शिव चालीसा का पाठ करें 
अंत में  शिव परिवार से  अपनी मनोकामनाकरें। 
मनोकामना अनुसार दिन भर उपवास रखें। 
संध्याकाल में पूजा-आरती कर फलाहार करें।


 
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