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kawad yatra 2024 : कांवड़ यात्रा करने के जरूरी नियम क्या हैं, जानिए

जीवांजलि धार्मिक डेस्क Published by: कोमल Updated Tue, 02 Jul 2024 04:09 PM IST
सार

kawad yatra 2024: सावन का महीना बहुत पवित्र माना जाता है। ये महीना भगवान शिव को समर्पित है आपको बता दें कि इस महीने में कांवड यात्रा निकाली जाती है।   जिसमें श्रद्धालु शामिल होते हैं ।

कावड़ यात्रा नियम
कावड़ यात्रा नियम- फोटो : jeevanjali

विस्तार

kawad yatra 2024: सावन का महीना बहुत पवित्र माना जाता है। ये महीना भगवान शिव को समर्पित है आपको बता दें कि इस महीने में कांवड यात्रा निकाली जाती है।   जिसमें श्रद्धालु शामिल होते हैं । लेकिन इस यात्रा में शामिल होने के कुछ नियम हैं । अगर आप कांव़ड़ यात्रा निकाल रहें हैं या आप खुद कांवड यात्रा में शामिल हो रहे हैं तो इन बातों का रखना बहुत जरूरी होता है। चलिए  आपको कांवड यात्रा में शामिल होने के नियम बताते हैं 
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कांवड यात्रा में शामिल होने के नियम क्या है  Kaanvad Yaatra Mein Shaamil Hone Ke Niyam Kya Hai

अपने मजे के लिए  कभी भी इस यात्रा में शामिल नहीं होना चाहिए। भक्ति के लिए  इस यात्रा को करें क्योंकि इस यात्रा को करने के कई नियम है  जिनका पालन करना जरूरी होती है 

कांवड़ यात्रा के समय किसी भी तरह का नशा नहीं करना चाहिए  जैसे चरस, गांजा,मदिरा आदि 

कांवड यात्रा के समय भूलकर भी तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए 

कांवड को कभी भी भूमि या चबूतरे पर नहीं रखना चाहिए 

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जब भी आप कांवड यात्रा  के दौरान आप रुके  कांवड  को किसी स्टैंड पर या फिर पेड़ की डाली पर लटकाकर रखें । अगर आप भूल से भूमि पर रख देते हैं तो आपको दोबारा से जल  भरना पड़ेगा

कांवड में हमेशा बहती हुई नदी का जल भरे, कुवें या तालाब का नहीं 

यात्रा शुरु करने से पहले और खत्म करने तक पैदल ही चलें, किसी वाहन का इस्तेमाल  ना करें 

अगर आप पहली बार कांवड यात्रा कर रहे हैं तो यात्रा छोटी करें। बाद में आप अपनी क्षमतानुसार इस यात्रा को बड़ी कर सकते हैं 

बिना स्नान किए कावड़ को नहीं छुआ जा सकता, इसलिए कावड़िए स्नान करने के बाद ही कावड़ को छू सकते हैं।

कांवड़ ले जाते समय रास्ते भर बोल बम और जय शिव-शंकर का जाप करना फलदायी होता है। कावड़ को सिर पर रखकर ले जाना भी वर्जित माना गया है।


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