दिवाली हिन्दुओं का सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक त्योहार है। दिवाली के दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विशेष रूप से पूजा की जाती है, दिवाली को दीपावली के नाम से भी जाना जाता है आपको बता दें कि इसे प्रकाश के त्यौहार के रूप में भी जाना जाता है। यह त्यौहार आध्यात्मिक रूप से अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान, बुराई पर अच्छाई और निराशा पर आशा की जीत का प्रतीक है।इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और साथ ही भक्तों पर अपना आशीर्वाद बरसाती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी को धन और सुख-समृद्धि की देवी कहा जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा से जातकों के जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं होती है।मान्यता है कि अगर आप सच्चे मन और विधि विधान से पूजा करने से पूरा साल अच्छा बीतता है।और आप पर सदैव लक्ष्मी-गणेश जी की कृपा बनी रहती है। इस दिन घर में गणेश लक्ष्मी की मूर्ति लाई जाती है। लेकिन गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति लाते समय कुछ चीजें हैं जिन्हें ध्यान रखना चाहिए चलिए आपको बताते हैं कि आपको किन बातों का ध्यान रखना है।
कैसे लाए गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति
माता लक्ष्मी और गणेश की दिवाली के दिन नई मूर्तियां खरीदी जाती हैं इस दिन गणेश जी और लक्ष्मी जी की हमेशा अलग-अलग मूर्तियां खरीदनी चाहिए इनकी मूर्तियां आपस में जुड़ी हुई नहीं रहनी चाहिए।
किस तरह की लाएं गणेश भगवान की मूर्ति
दिवाली के दिन भगवान गणेश की मूर्ति खरीदने के समय इन बातों का ध्यान रखें। गणेश जी की हमेशा ऐसी मूर्ति लें जिसमे गणेश भगवान की सूंड बाईं तरफ हो और वो मूषक पर सवार हों साथ उन्होंने अपने हाथ में मोदक भी ले रखा हो अगर आप ऐसी मूर्ति लाते हैं तो साधन को बहुत अच्छा फल मिलता है
ऐसी लाए मां लक्ष्मी की मूर्ति
आपको बता दें कि हमेशा मां लक्ष्मी की ऐसी मूर्ति खरीदनी चाहिए जिसमे मां लक्ष्मी कमल पर विराजमान हों क्योंकि ये मूर्ति घर परिवार के लिए शुभ मानी जाती है इनकी मूर्ति खरीदते समय हमेशा ये ध्यान ऱखें कि वो उल्लु पर सवार ना हों और साथ ही वो खड़ी हुई मुद्रा में ना हो।
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