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Nadi Dosh Ka Vaivahik Jivan Par Prabhav: क्या होता है नाड़ी दोष? जानिए वैवाहिक जीवन पर इसका असर

जीवांजलि धर्म डेस्क Published by: निधि Updated Fri, 14 Jun 2024 08:00 AM IST
सार

Nadi Dosha : हिंदू धर्म को मानने वाले सभी लोग विवाह से पहले अपनी कुंडली का मिलान करवाते हैं। ज्योतिषी कुंडली में नाड़ी दोष, भकूट दोष, गण, मैत्री स्वभाव आदि देखकर वर-वधू की कुंडली का मिलान करते हैं।

Nadi Dosha
Nadi Dosha- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Nadi Dosha : हिंदू धर्म को मानने वाले सभी लोग विवाह से पहले अपनी कुंडली का मिलान करवाते हैं। ज्योतिषी कुंडली में नाड़ी दोष, भकूट दोष, गण, मैत्री स्वभाव आदि देखकर वर-वधू की कुंडली का मिलान करते हैं। ज्योतिष के अनुसार अगर किसी की कुंडली में भकूट दोष है तो उसे विवाह के बाद कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में नाड़ी दोष है तो उसका विवाह नहीं हो पाता है। ऐसे लोगों को विवाह के बाद कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है, यहां तक कि उनका तलाक भी हो सकता है। आइए जानते हैं क्या है नाड़ी दोष और इसके उपाय।
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क्या होता है नाड़ी दोष?

- जब कुंडली मिलाई जाती है, तो 8 अलग-अलग पहलुओं पर विचार किया जाता है। ये हैं वर्ण, वश्य, तारा, योनि, ग्रह मैत्री, गण, भकूट और नाड़ी। इन सभी में सबसे महत्वपूर्ण नाड़ी है, जिसके अधिकतम 8 बिंदु होते हैं। नाड़ी भी 3 प्रकार की होती है- आदि, मध्य और अंत्य। ऐसा माना जाता है कि अगर वर और वधू दोनों की कुंडली में नाड़ी एक ही हो, तो नाड़ी दोष बनता है। इससे वैवाहिक जीवन पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है। हालाँकि, कुछ विशेष स्थितियों में नाड़ी एक ही होने पर भी नाड़ी दोष उत्पन्न नहीं होता है, इसका उल्लेख नीचे किया गया है।

- अगर वर और वधू की नाड़ी एक ही है, लेकिन दोनों का जन्म एक ही नक्षत्र के अलग-अलग चरणों में हुआ है, तो इसे नाड़ी दोष नहीं माना जाता है।

- अगर वर और वधू की जन्म राशि एक ही है और नक्षत्र अलग-अलग हैं, तो भी नाड़ी दोष प्रभावी नहीं होता है।

- भले ही दोनों एक ही नक्षत्र में पैदा हुए हों लेकिन राशियां अलग-अलग हों, तो इसे नाड़ी दोष नहीं माना जाता है।
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नाड़ी दोष के उपाय

- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नाड़ी दोष दूर करने के लिए पति-पत्नी दोनों को महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए।
- मंत्र जाप के अलावा नाड़ी दोष निवारण भी किसी विशेषज्ञ से करवाना चाहिए।
- नाड़ी दोष के प्रभाव को कम करने के लिए सोना, अनाज, भोजन, गाय और कपड़े का दान करना सबसे अच्छा माना जाता है।
- नाड़ी दोष दूर करने के लिए व्यक्ति के वजन के बराबर भोजन का दान करना भी लाभकारी माना जाता है।

नाड़ी दोष के प्रभाव

यदि वर-वधू दोनों की नाड़ी एक ही हो तो उपाय अनिवार्य है। यदि वर-वधू बिना उपाय के विवाह कर लेते हैं तो लड़की को गर्भधारण करने में परेशानी हो सकती है। साथ ही होने वाला बच्चा असामान्य हो सकता है। नाड़ी दोष होने पर अचानक परेशानियां आती रहती हैं। साथ ही वर-वधू के बीच संबंध बहुत कटु रहते हैं। इस स्थिति में अलगाव की भी संभावना रहती है। मध्य नाड़ी दोष होने पर वर-वधू में से किसी एक या दोनों की मृत्यु होने की संभावना रहती है।

नाड़ी दोष को कैसे करें दूर ?

नाड़ी दोष दूर करने के लिए वर और वधू दोनों को महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए। साथ ही नाड़ी दोष दूर करना अनिवार्य है। इसके अलावा नाड़ी दोष के प्रभाव को कम करने के लिए गाय, सोना, अनाज, भोजन और कपड़े का दान करना चाहिए। कई ज्योतिषी नाड़ी दोष दूर करने के लिए व्यक्ति के वजन के बराबर भोजन दान करने की सलाह देते हैं।
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