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Devshayani Ekadashi: देवशयनी एकादशी पर किस विधि से करें पूजा

जीवांजलि धार्मिक डेस्क Published by: कोमल Updated Sun, 07 Jul 2024 07:07 AM IST
सार

Devshayani Ekadashi : देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं और अगले 4 महीने तक भगवान विष्णु योग निद्रा में ही रहते हैं। देवशयनी एकादशी का व्रत आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है।

देवशयनी एकादशी
देवशयनी एकादशी- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Devshayani Ekadashi: देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं और अगले 4 महीने तक भगवान विष्णु योग निद्रा में ही रहते हैं। देवशयनी एकादशी का व्रत आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। जिस दिन भगवान विष्णु निद्रा में चले जाते हैं, उसी दिन से चातुर्मास प्रारंभ हो जाता है। जब देवता सो जाते हैं, तब भगवान शिव संसार का पालन-पोषण करते हैं। आइए जानते हैं देवशयनी एकादशी कब है।
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देवशयनी एकादशी व्रत कब है

एकादशी तिथि 16 जुलाई को रात 8:34 बजे से शुरू होकर अगले दिन यानी 17 जुलाई को रात 9:03 बजे तक रहेगी। 17 जुलाई को उदय तिथि में एकादशी तिथि होने के कारण इसी दिन देवशयनी एकादशी व्रत रखा जाएगा। इसके साथ ही 17 जुलाई से चातुर्मास भी शुरू हो जाएगा, जो 12 नवंबर तक रहेगा।

देवशयनी एकादशी पूजा सामग्री सूची

चौकी
पीला कपड़ा
दीपक
गोपी चंदन
गंगाजल
शुद्ध जल
आम के पत्ते
कुमकुम
फल
पीले फूल
मिठाई
अक्षत
पंचमेवा
धूप
भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की प्रतिमा
घी
बत्ती
एकादशी कथा पुस्तक
पंजीरी
पंचामृत
केले के पत्ते
गुड़
शहद
आसन
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देवशयनी एकादशी तिथि और शुभ मुहूर्त

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, देवशयनी एकादशी 16 जुलाई 2024 मंगलवार को रात 08:33 बजे शुरू होगी। वहीं, यह तिथि 17 जुलाई 2024 बुधवार को रात 09:02 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के आधार पर इस वर्ष देवशयनी एकादशी का व्रत 17 जुलाई को रखा जाएगा।

श्री हरि पूजन मंत्र

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात। धन के लिए

ओम भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रम भूर्या भर। भूरि घेडिन्द्र दितासि। ॐ भूरिदा त्यासि श्रुति: वीर पुरुष वह है जो वृत्र को मारता है। आओ और राधा की पूजा करो। श्री हरि पंचरूप मंत्र

ॐ ह्रीं कार्तवीर्यार्जुन नाम राजा बाहु सहस्त्रवान्। इसका स्मरण मात्र से ही हृदय नष्ट हो जाता है।
 

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