विज्ञापन
Home  dharm  chaturmas 2024 why marriages and auspicious works are not performed in chaturmas know here

Chaturmas 2024: चातुर्मास में क्यों नहीं किए जाते विवाह और शुभ कार्य ? जानिए

जीवांजलि धार्मिक डेस्क Published by: कोमल Updated Thu, 20 Jun 2024 02:03 PM IST
सार

Chaturmas 2024: आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी के दिन से चातुर्मास प्रारंभ होता है। इस दिन से भगवान विष्णु का शयन काल प्रारम्भ हो जाता है। देवशयनी एकादशी के चार माह बाद श्री हरि नारायण देवउठनी एकादशी के दिन जागते हैं।

चातुर्मास 2024 प्रारंभ समाप्ति तिथि
चातुर्मास 2024 प्रारंभ समाप्ति तिथि- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Chaturmas 2024: आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी के दिन से चातुर्मास प्रारंभ होता है। इस दिन से भगवान विष्णु का शयन काल प्रारम्भ हो जाता है। देवशयनी एकादशी के चार माह बाद श्री हरि नारायण देवउठनी एकादशी के दिन जागते हैं। शास्त्रों में चातुर्मास के दौरान कोई भी शुभ व मांगलिक कार्य करना वर्जित माना गया है। तो आइए जानते हैं इस साल चातुर्मास कब से शुरू हो रहा है और इस समय विवाह और शुभ कार्य क्यों नहीं किए जाते है।

विज्ञापन
विज्ञापन

चातुर्मास कब से शुरू हो रहा है? When is Chaturmas starting?

हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि से चातुर्मास शुरू होता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को चातुर्मास समाप्त होता है। इस साल चातुर्मास 17 जुलाई से शुरू होगा, जो 12 नवंबर तक चलेगा , 2024. देवशयनी एकादशी व्रत 17 जुलाई को रखा जाएगा. देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु पूरे 4 महीने के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं. इसके बाद वे सीधे देवउठनी एकादशी के दिन जागते हैं. देवउठनी एकादशी 12 नवंबर 2024 को मनाया जाएगा।


 

विज्ञापन

चातुर्मास में क्या करें और क्या न करें? Chaaturmaas Mein Kya Karen Aur Kya Na Karen?

चातुर्मास में विवाह समेत सभी तरह के शुभ कार्य बंद कर दिए जाते हैं। लेकिन इस दौरान पूजा-पाठ वर्जित नहीं है। चातुर्मास के दौरान विवाह, गृह प्रवेश, नया वाहन खरीदना, नई संपत्ति खरीदना, घर बनवाना, मुंडन, जनेऊ, भूमि पूजन या नया व्यवसाय शुरू करना आदि कार्य नहीं करने चाहिए। चातुर्मास के दौरान तुलसी पूजा बहुत फलदायी मानी जाती है। प्रतिदिन शाम को तुलसी के पास घी का दीपक जलाएं। साथ ही चातुर्मास के दौरान जमीन पर बिस्तर बिछाकर सोएं।

चातुर्मास में विवाह और शुभ कार्य क्यों नहीं किए जाते? Chaaturmaas Mein Vivaah Aur Shubh Kaary Kyon Nahin Kiya Jaata?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु संसार के संचालक हैं और वे चातुर्मास के दौरान योग निद्रा में होते है। विष्णु जी की अनुपस्थिति के कारण विवाह और अन्य शुभ कार्य नहीं होते हैं। ऐसे में चातुर्मास के दौरान किए गए शुभ कार्यों से भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त नहीं होता है। इसलिए इन कार्यों को नहीं करना चाहिए। चातुर्मास के दौरान किया जाने वाला यह अनुष्ठान भगवान शिव के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। कहा जाता है कि योग निद्रा में जाने से पहले भगवान नारायण अपनी सारी जिम्मेदारियां भगवान शिव को सौंप देते हैं। जब तक विष्णु जी योग निद्रा में रहते हैं, तब तक भगवान शिव संसार का संचालन करते हैं।

 

यह भी पढ़ें:-
Palmistry: हस्तरेखा में इन रेखाओं को माना जाता है बेहद अशुभ, व्यक्ति के जीवन में लाती हैं दुर्भाग्य
Upnayan Sanskar: क्या होता है उपनयन संस्कार जानिए महत्व और संस्कार विधि
Worshipping Trees: हिंदू धर्म में पेड़ों की पूजा का क्या है महत्व जानिए

 
विज्ञापन