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Chaturmas 2024: चातुर्मास में क्यों बंद हो जाते हैं सभी धार्मिक कार्य, जानिए

जीवांजलि धार्मिक डेस्क Published by: कोमल Updated Tue, 02 Jul 2024 05:01 AM IST
सार

Chaturmas 2024: चातुर्मास एक ऐसी अवधि है जिसमे भगवान विष्णु शयनकाल में रहते हैं और इस दौरान सभी मांगलिक कार्यों की मनाही रहती है । आपको बता दें कि इस महीने मे शुभ कार्यों की मनाही है

चातुर्मास 2024:
चातुर्मास 2024:- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Chaturmas 2024: चातुर्मास एक ऐसी अवधि है जिसमे भगवान विष्णु शयनकाल में रहते हैं और इस दौरान सभी मांगलिक कार्यों की मनाही रहती है । आपको बता दें कि इस महीने मे शुभ कार्यों की मनाही है लेकिन इन महीनो में जप-तप और पूजा पाठ करना बहुत श्रेष्ठ माना जाता है । चातुर्मास आषाढ़ मास की देवशयनी एकादशी से शुरु होता है और इसकी समाप्ति देवउठनी एकादशी पर होती है। इस समय सृष्टि का संचालन भगवान शिव करते हैं चलिए आपको बताते हैं कि इस समय मांगलिक क्यों नहीं किए जाते हैं और इसका महत्व क्या है 
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क्या है चातुर्मास? (What is chaturmas)

सावन, भाद्रपद आश्विन और कार्तिक माह का बहुत अधिक महत्व माना गया है। इन्हीं महीनों को मिलाकर चातुर्मास होता है। ऐसा मान्यता है कि देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु शयन करने के लिए चले जाते हैं जिसके बाद भगवान शिव  कार्यभार देखते हैं। भगवान विष्णु चार महीने के लिए शयन करने जाते हैं इसी वजह से इन महीनों को  चातुर्मास कहा जाता है 

चातुर्मास 2024 में कब शुरू है? (Chaturmas 2024 Date)

इस साल 17 जुलाई 2024 से चातुर्मास शुरु हो रहा है । इस दिन देवशयनी व्रत भी रखा जाएगा। चातुर्मास  12 नवंबर 2024 को खत्म होगा इस दिन देवउठनी एकादशी होगी।
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क्या है  चातुर्मास के नियम  Kya Hai  Chaturmas Ke Niyam

बारिश के महीने में ही चातुर्मास की शुरुआत होती है कहा जाता है कि इस समय जल में हानिकारक बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं और हमारी पाचन शक्ति भी धीमी पड़ जाती है इसलिए चातुर्मास में खान-पान को लेकर सतर्कता बरतनी चाहिए। इस दौरान खान-पान को लेकर लापरवाही बरतने  से आपकी सेहत को नुकसान पहुंचता है इसलिए चातुर्मास में इन बातों का विशेष ध्यान रखें 

चातुर्मास के दौरान हरी पत्तेदार सब्जियां  नहीं खानी चाहिए।

इसके अलावा चातुर्मास के दौरान दूध, दही, छाछ का सेवन करने से बचें।

चातुर्मास के दौरान मांसाहारी और मसालेदार भोजन वर्जित है।

चातुर्मास के दौरान प्रतिदिन थोड़ा शहद खाना चाहिए।

चातुर्मास के दौरान केवल सात्विक भोजन ही खाना चाहिए।

चातुर्मास के दौरान फर्श पर सोना चाहिए।

इस दौरान दान और धार्मिक ग्रंथों का पाठ करना चाहिए।

इन 4 महीनों के दौरान भगवान शिव और विष्णु की पूजा करनी चाहिए।

चातुर्मास के दौरान पवित्र स्थानों पर जाना बहुत शुभ माना जाता है।
 

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