विज्ञापन
Home  dharm  chaturmas 2024 when is chaturmas starting know the correct date

Chaturmas 2024: कब से शुरु हो रहा है चतुर्मास, जानिए सही तिथि

जीवांजलि धार्मिक डेस्क Published by: कोमल Updated Wed, 19 Jun 2024 05:06 AM IST
सार

Chaturmas 2024: सनातन धर्म में प्रत्येक दिन और माह का अपना विशेष महत्व होता है। वर्ष के कुछ दिन ऐसे होते हैं जब कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। ऐसे में अगर आप भी किसी मांगलिक कार्य की तैयारी कर रहे हैं 

चातुर्मास 2024:
चातुर्मास 2024:- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Chaturmas 2024सनातन धर्म में प्रत्येक दिन और माह का अपना विशेष महत्व होता है। वर्ष के कुछ दिन ऐसे होते हैं जब कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। ऐसे में अगर आप भी किसी मांगलिक कार्य की तैयारी कर रहे हैं तो चातुर्मास शुरू होने से पहले ही कर लें। चातुर्मास शुरू होते ही शुभ या मांगलिक कार्य वर्जित हो जाते हैं और हिंदू धर्म में चातुर्मास के चार महीने बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। आपको बता दें कि आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि से चातुर्मास शुरू हो जाता है और इस तिथि को देवशयनी एकादशी कहते हैं। आइए जानते हैं चातुर्मास कब से शुरू होने जा रहा है?
विज्ञापन
विज्ञापन

चातुर्मास कब से शुरू हो रहा है? When is Chaturmas starting?


शास्त्रों के अनुसार भगवान विष्णु आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को क्षीर सागर में विश्राम करने चले जाते हैं और कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की देवउठनी एकादशी तिथि को जागते हैं। इसलिए चातुर्मास में मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। वर्ष 2024 में 17 जुलाई से 12 नवंबर तक चातुर्मास है।

चतुर्मास में शुभ कार्य क्यों नहीं किए जाते? Chaturmaas Mein Shubh Kaary Kyon Nahin Kiya Jaata?

हिंदू धर्म में जब भी कोई शुभ या मांगलिक कार्य किया जाता है तो वह भगवान के आशीर्वाद के बिना पूरा नहीं होता। ऐसे में देवताओं की पूजा के बाद ही शुभ कार्यों की शुरुआत की जाती है। चतुर्मास में शुभ कार्य इसलिए नहीं किए जाते क्योंकि इस दौरान भगवान विष्णु सभी देवताओं के साथ योग निद्रा के लिए पाताल लोक चले जाते हैं। वह चार महीने तक योग निद्रा में रहते हैं और ऐसे में भगवान शिव धरती का कार्यभार संभाल लेते हैं। इसलिए चतुर्मास में सावन की शुरुआत होती है और भगवान शिव की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब देवता सो जाते हैं तो शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है। इसके बाद कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि यानी देवउठनी एकादशी को देवता जागते हैं और इस दिन से विवाह जैसे शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं।
विज्ञापन


क्या चतुर्मास में देवी-देवताओं की पूजा की जाती है? Kya Chaturmaas Mein Devee-Devataon Kee Pooja KeeJaatee Hai?

अब जैसा कि हम जानते हैं कि चतुर्मास के दौरान भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं और इस दौरान भगवान शिव पूरे 4 महीने तक सृष्टि की रचना का कार्यभार संभालते हैं। इसलिए इन 4 महीनों में भगवान विष्णु के अलावा भगवान शिव और देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है।

यह भी पढ़ें:-
Palmistry: हस्तरेखा में इन रेखाओं को माना जाता है बेहद अशुभ, व्यक्ति के जीवन में लाती हैं दुर्भाग्य
Upnayan Sanskar: क्या होता है उपनयन संस्कार जानिए महत्व और संस्कार विधि
Worshipping Trees: हिंदू धर्म में पेड़ों की पूजा का क्या है महत्व जानिए

 
विज्ञापन