विज्ञापन
Home  dharm  chaturmas 2024 starting date what to do and what not to do in chaturmas

Chaturmas 2024: चातुर्मास में क्या करें और क्या नहीं? जानिए इससे जुड़े खास नियम

जीवांजलि धर्म डेस्क Published by: निधि Updated Mon, 08 Jul 2024 03:57 PM IST
सार

Chaturmas 2024 Starting Date: चातुर्मास 2024 की तिथियां 17 जून से शुरू होकर 12 नवंबर को समाप्त होंगी। यह कई हिंदू समुदायों के लिए बहुत महत्व रखता है। यह महीना प्रार्थना, अनुष्ठान और पूजा के लिए समर्पित है।

Chaturmas 2024
Chaturmas 2024- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Chaturmas 2024 Starting Date: चातुर्मास व्रत चार महीने की अवधि के लिए मनाया जाता है और यह आषाढ़ माह में देवशयनी एकादशी के अगले दिन से शुरू होता है और कार्तिक माह में देवोत्थान एकादशी पर समाप्त होता है। चातुर्मास 2024 की तिथियां 17 जून से शुरू होकर 12 नवंबर को समाप्त होंगी। यह कई हिंदू समुदायों के लिए बहुत महत्व रखता है। यह महीना प्रार्थना, अनुष्ठान और पूजा के लिए समर्पित है और इसलिए विवाह, गृह प्रवेश और इसी तरह के अन्य समारोह नहीं मनाए जाते हैं। चातुर्मास आषाढ़ माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन से शुरू होता है और कार्तिक माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी को समाप्त होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कब से शुरू होंगे चातुर्मास 2024?

हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि से चातुर्मास की शुरुआत होने वाली है और इसका समापन देवउठनी एकादशी पर होता है। इस बार चातुर्मास की शुरुआत 17 जुलाई से हो रही है, वहीं देवउठनी एकादशी 12 नवंबर को है। चातुर्मास में भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योगनिद्रा में होते हैं।
विज्ञापन

चातुर्मास में क्या करें?

- वचातुर्मास के दौरान व्यक्ति को भक्ति, भजन आदि में अधिक से अधिक समय व्यतीत करना चाहिए। साथ ही इस दौरान भगवान सत्यनारायण की कथा सुनना भी बहुत लाभकारी होता है।
- चातुर्मास के दौरान प्रतिदिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए और भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। मान्यताओं के अनुसार चातुर्मास के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए और दिन में केवल एक बार ही भोजन करना चाहिए। दरअसल, ऐसा कहा जाता है कि सावन, भादो, आश्विन और कार्तिक के चार महीनों में व्यक्ति की पाचन शक्ति कमजोर होती है। इसलिए दिन में केवल एक बार ही भोजन करना चाहिए।
- चातुर्मास के दौरान शिव और श्री हरि विष्णु की पूजा करनी चाहिए। साथ ही इस दौरान आप विष्णु सहस्रनाम और शिव चालीसा का पाठ भी कर सकते हैं। ऐसा करने से आपको भगवान विष्णु और शिव का आशीर्वाद प्राप्त होगा और आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी।
- चातुर्मास में पांच प्रकार के दान करने का महत्व है। चातुर्मास में अन्न और वस्त्र का दान करें। धर्म शास्त्रों में दीपदान का भी उल्लेख है। इसके अलावा मंदिर में जाकर सेवा दान करें।

चातुर्मास में क्या नहीं करना चाहिए?

- चातुर्मास के दौरान लहसुन-प्याज, मांस-मदिरा के सेवन से बचना चाहिए। इस दौरान नया काम या नया व्यापार शुरू करने से बचना चाहिए, क्योंकि इस समय शुरू किए गए काम शुभ फल नहीं देते हैं।  
- चातुर्मास के दौरान किसी को कटु शब्द भी नहीं बोलने चाहिए। ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जिससे किसी को दुख पहुंचें। 
- चातुर्मास के दौरान पलंग पर नहीं सोना चाहिए। 
- चातुर्मास में किसी प्रकार को कोई भी मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए।
-  दूसरों का अन्न नहीं लेना चाहिए।
- चातुर्मास में बाल काटना निषिद्ध बताया है। इसके अलावा तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ना चाहिए और शरीर में तेल नहीं लगाना चाहिए।

यह भी पढ़ें:-
Unluck Plants for Home: शुभ नहीं, बल्कि अशुभ माने जाते हैं ये पौधे ! घर में लगाने से आती है दरिद्रता
What is Karma Akarama Vikarma : कर्म अकर्म और विकर्म क्या है? जानिए
Panchmukhi Shiv: भगवान शिव के क्यों है पांच मुख? जानिए इन 5 मुख का रहस्य

 
विज्ञापन