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Amarnath Yatra Cave Temple: अमरनाथ गुफा में जानें से पहले भगवान शिव ने किन-चीजों का किया त्याग

जीवांजलि धार्मिक डेस्क Published by: कोमल Updated Thu, 27 Jun 2024 05:06 AM IST
सार

Amarnath Yatra Cave Temple: भगवान शिव ने अमरता की कथा सुनाने के लिए अपनी प्रिय चीजों  का त्याग किया । आज के  इस लेख में हम आपको बताएंगे की भगवान शिव ने अमरनाथ गुफा जाते समय किन चीजों का त्याग किया

अमरनाथ यात्रा
अमरनाथ यात्रा- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Amarnath Yatra Cave Temple : भगवान शिव ने अमरता की कथा सुनाने के लिए अपनी प्रिय चीजों का त्याग किया था । आज के  इस लेख में हम आपको बताएंगे की भगवान शिव ने अमरनाथ गुफा जाते समय किन चीजों का त्याग किया। और आज वो जगह किस नाम से प्रसिद्ध है 
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माता पार्वती ने भगवान शिव से अमरता का पूछा रहस्य

हिन्दु धर्म शास्त्रों में ऐसा वर्णन किया गया है कि एक बार माता पार्वती ने भगवान शिव से उनके अमर होने का रहस्य पूछते हुए कहा कि महादेव आप तो अजर-अमर हैं हर बार मुझे नया जन्म लेकर आपको पाने के लिए तपस्या करनी होती है आज आप मुझे अपनी अमरता का और आपके गले में पड़ी नरमुण्ड की माला का रहस्य बताइए

शिव जी ने माता पार्वती की उत्सुकता को दूर करते हुए कहा कि इस मुंड की माला में जितने सिर हैं वो सभी आपके हैं ये बात  सुनकर माता पार्वती  हैरान हो गई और  भगवान शिव से कहने लगी ये सभी सिर मेरे कैसे हो सकते हैं शिव जी ने जवाब देते हुए कहा कि ये सभी मुन्ड  पूर्व जन्मों की निशानी है। माता पार्वती ने कहा चलिए ठीक है अब आप आपने अमर होने का रहस्य  बताइए 
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पहले तो भगवान शिव ने इस रहस्य को बताने से मना किया लेकिन माता पार्वती जिद करने लगी जिसके बाद भगवान शिव एकांत जगह की तलाश करने लगे जिससे इस कथा को कोई जीव-जन्तु ना सुन पाए। क्योंकि इस कथा को अगर कोई सुन लेता तो वो अमर हो जाता। बहुत ढूंढ़ने के बाद उन्हें अमरनाथ गुफा मिली। कथा शुरु करने से पहले भगवान शिव  ने अपने शरीर से हर चीज को त्यागना शुरु कर दिया 


 

अमरनाथ जानें से पहले भगवान शिव ने किन चीजों का किया था त्याग 

- सबसे पहले भगवान शिव अपने वाहन नंदी का त्याग किया जिस स्थान पर भगवान शिव ने नंदी का त्याग किया उस स्थान का नाम पहलगांव  पड़ा

- इसके बाद भगवान शिव ने शीश से चन्द्रमा का त्याग किया जिस जगह भगवान शिव ने चन्द्रमा का त्याग किया उस जगह का नाम चंदनवाड़ी  पड़ा 

- चन्द्रमा का त्याग करने के बाद भगवान शिव ने अपने गले में लिपटे सांप का त्याग किया उस जगह को शेषनाग कहा गया

- आखिर में उन्होंने  अपनी जटाओं से मां गंगा को मुक्त किया इस जगह का नाम पंचतरणी रखा 

- इन सभी चीजों का त्याग करने के बाद भगवान शिव ने अपने पुत्र भगवान गणेश को महागुण पर्वत पर रखा और उन्हें इस बात का ध्यान रखने को कहा कि इस कथा के बीच में कोई भी व्यक्ति गुफा में प्रवेश न करे ।
 

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