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Tulsi Mala: गले में क्यों पहनी जाती है तुलसी माला, जानें इसे पहनने के नियम और लाभ

जीवांजलि धार्मिक डेस्क Published by: कोमल Updated Thu, 13 Jun 2024 06:07 AM IST
सार

Tulsi Mala: हिंदू धर्म में तुलसी का कितना महत्व है, यह तो हम सभी जानते हैं। इस पवित्र पौधे की पूजा अधिकतर घरों में की जाती है। शास्त्रों के अनुसार इस पौधे में देवी लक्ष्मी का वास होता है। कहा जाता है कि भगवान विष्णु ने देवी तुलसी को वरदान दिया था

तुलसी माला
तुलसी माला- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Tulsi Mala: हिंदू धर्म में तुलसी का कितना महत्व है, यह तो हम सभी जानते हैं। इस पवित्र पौधे की पूजा अधिकतर घरों में की जाती है। शास्त्रों के अनुसार इस पौधे में देवी लक्ष्मी का वास होता है। कहा जाता है कि भगवान विष्णु ने देवी तुलसी को वरदान दिया था कि वे सुख-समृद्धि प्रदान करने वाली देवी कहलाएंगी और साल में एक बार शालिग्राम और तुलसी का विवाह भी होगा। तुलसी दल के महत्व के बारे में आपने कई बार सुना होगा, लेकिन आज हम आपको इसकी माला के फायदे और नियम बताएंगे। मान्यता है कि तुलसी की माला पहनने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
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कब पहनें तुलसी की माला? kab pahanen tulasee kee maala?

तुलसी की माला पहनने का सबसे अच्छा समय प्रदोष काल माना जाता है। इसके साथ ही तुलसी की माला सोमवार, गुरुवार या बुधवार को भी पहनी जा सकती है। लेकिन इसे रविवार और अमावस्या के दिन नहीं पहनना चाहिए। वहीं, गर्भावस्था के दौरान भी इस माला को नहीं पहनना चाहिए। आप ज्योतिषी से सलाह लेकर शुभ मुहूर्त में तुलसी की माला पहन सकते हैं।

विष्णु भक्तों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है तुलसी की माला? Why is Tulsi rosary important?


पौराणिक कथा के अनुसार, तुलसी को वरदान है कि भगवान विष्णु केवल तुलसी के पत्तों पर चढ़ाई गई चीजों का प्रसाद ही स्वीकार करते हैं। इसी प्रकार भगवान विष्णु तुलसी माला धारण करने वालों को अपने संरक्षण में लेते हैं। तुलसी कंठी माला धारण करने से व्यक्ति को वैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार प्रतिदिन तुलसी माला का जाप करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। इस माला को धारण करने से व्यक्ति के जीवन में हमेशा खुशियां आती हैं और यश और सौभाग्य में वृद्धि होती है। तुलसी माला में मौजूद दैवीय ऊर्जा में उपचार, उत्थान और शुद्धिकरण के गुण होते हैं। व्यक्ति को तुलसी माला धारण करते समय सात्विक नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है।
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तुलसी माला पहनने के क्या लाभ हैं?What are the benefits of wearing Tulsi Mala?


तुलसी माला शारीरिक और मानसिक रूप से सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती है और घर में सुख-शांति बनाए रखती है। तुलसी माला पहनने से व्यक्ति का आत्मविश्वास भी बढ़ता है और मानसिक तनाव कम होता है साथ ही कई बीमारियों में लाभ मिलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी में देवी लक्ष्मी का वास होता है और तुलसी की माला से भगवान विष्णु के मंत्र का जाप करना विशेष फलदायी माना जाता है। अगर गले में तुलसी की माला पहनी जाए तो मन और आत्मा दोनों ही शुद्ध हो जाते हैं। इसके अलावा मन में सकारात्मक विचारों का प्रवाह बढ़ता है।


तुलसी माला पहनने के क्या नुकसान हैं? What are the disadvantages of wearing Tulsi Mala?

अगर आप तुलसी की माला पहनने की सोच रहे हैं तो आपको इससे जुड़े नियम भी जान लेने चाहिए। मासिक धर्म के दौरान तुलसी की माला पहनना या छूना वर्जित है। अगर आप इस माला को पीरियड्स के दौरान पहनते हैं तो इसकी पवित्रता कम हो सकती है और इसके नकारात्मक प्रभाव दिखने लगते हैं। और कलह हो सकता है, हर काम बनते-बनते बिगड़ जाता है, दुश्मन परेशान करेंगे, मान-सम्मान नहीं मिलेगा, संतान की बुद्धि का विकास नहीं होगा। अगर आपके विचारों में नकारात्मकता है तो आपको तुलसी की माला पहनने की मनाही है।


तुलसी की माला पहनने से पहले जान लें ये नियम  Know these rules before wearing Tulsi garland

आमतौर पर तुलसी दो तरह की होती है, रामा और श्यामा तुलसी। जिनका अलग-अलग महत्व है।

जिस व्यक्ति ने तुलसी की माला पहनी है उसे सात्विक भोजन करना चाहिए यानी उस व्यक्ति को मांस-मदिरा से दूर रहना चाहिए साथ ही लहसुन और प्याज का सेवन करने से भी बचना चाहिए।

अगर आपने तुलसी की माला पहनी है तो उसे किसी भी हालत में उतारना नहीं चाहिए।

तुलसी की माला पहनने से पहले उसे गंगाजल से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद इसे सूखने के बाद ही पहनना चाहिए।

मान्यता है कि हाथ से तुलसी की माला बनाकर पहनना बहुत लाभकारी होता है।

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