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Kuber Yog in Kundali: कुंडली में कैसे बनता है कुबेर योग? जानिए जीवन पर क्या होता है इसका प्रभाव

जीवांजलि Published by: निधि Updated Tue, 18 Jun 2024 01:58 PM IST
सार

Kuber Yog in Kundali: कुबेर योग एक विशेष योग है जो ज्योतिष शास्त्र में धन और सम्पत्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस योग का निर्माण कुंडली में लग्नेश (अष्टम भाव के स्वामी) और द्वादश भाव के स्वामी (बारहवें भाव के स्वामी) के बीच होता है।

Kuber Yog
Kuber Yog- फोटो : jeevanjali

विस्तार

Kuber Yog in Kundali: वैदिक ज्योतिष में व्यक्ति की कुंडली का विशेष महत्व होता है। जब व्यक्ति का जन्म होता है तो उसके पूरे जीवन की रुपरेखा कुंडली में अंकित हो जाती है। जन्म के समय ग्रहों और नक्षत्रों की युति के कारण कुंडली में कई प्रकार के राजयोग बनते हैं। यदि जन्म के समय किसी व्यक्ति की कुंडली में राजयोग बनता है तो व्यक्ति जीवन भर सभी प्रकार के सुख-सुविधाओं का आनंद उठाता है। जब ग्रह शुभ स्थान पर स्थित होते हैं तो व्यक्ति अपने जीवन में हर प्रकार के सुख-सुविधाओं का आनंद उठाता है। व्यक्ति को समाज में मान-सम्मान, धन-संपत्ति और जीवन में अच्छा पद प्राप्त होता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार व्यक्ति की कुंडली में कई प्रकार के राजयोग बनते हैं, जिसमें कुबेर योग का बहुत प्रभाव होता है। जिन लोगों की कुंडली में कुबेर योग बनता है उनके जीवन में धन, सुख-सुविधाओं, समृद्धि और भौतिक सुख-सुविधाओं की कोई कमी नहीं होती। ऐसा व्यक्ति अपने जीवन में अपार धन-संपत्ति का मालिक बनता है। आइए जानते हैं कुंडली में कैसे बनता है कुबेर योग।
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कुंडली में कैसे बनता है कुबेर योग 

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, किसी व्यक्ति की कुंडली में कुबेर योग तब बनता है जब कुंडली के दूसरे और ग्यारहवें भाव के स्वामी अपनी स्वराशि या उच्च राशि में हों। इसके अलावा, यदि दूसरे और ग्यारहवें भाव के स्वामियों के बीच राशि परिवर्तन या युति हो, तो कुबेर योग बनता है।

कुबेर योग बनने से व्यक्ति बनता है अकूत संपत्ति का स्वामी

जिन लोगों की कुंडली में कुबेर योग बनता है, वे अपने पराक्रम, मेहनत और किस्मत के बल पर खूब धन-संपत्ति जमा करते हैं। ऐसा व्यक्ति अलग-अलग स्रोतों से धन कमाने में सफल होता है। इस योग के बनने से व्यक्ति को भौतिक सुख-सुविधाओं की कमी नहीं होती। ऐसे लोग आलीशान जीवन जीना पसंद करते हैं।
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कम उम्र में व्यक्ति बन जाता है अमीर

जिन लोगों की कुंडली में कुबेर योग होता है वे बहुत मेहनती और दृढ़ निश्चयी होते हैं। अगर वे कुछ करने की ठान लें तो उसे पूरा जरूर करते हैं। ऐसे लोग कम उम्र में ही धन के मालिक बन जाते हैं। ये लोग व्यापार करने में सबसे आगे होते हैं और पैसे से पैसा बनाने की कला जानते हैं। ऐसे लोग अपना पूरा जीवन ऐशो-आराम में बिताते हैं।

कुंडली में कुबेर योग के क्या है प्रभाव 

कुबेर योग व्यक्ति की कुंडली में एक महत्वपूर्ण योग है जो धन के संबंध में प्रभावशाली होता है। यह योग ज्योतिष शास्त्र में धन, सम्पत्ति, वित्तीय स्थिति और आर्थिक संदृश्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। कुबेर योग का निर्माण होता है जब किसी व्यक्ति की कुंडली में लग्नेश (अष्टम भाव के स्वामी) एवं द्वादश भाव के स्वामी (बारहवें भाव के स्वामी) एक-दूसरे के साथ योगदान करते हैं। इससे उत्पन्न होने वाला कुबेर योग व्यक्ति को धन प्राप्ति के लिए प्रवृत्त करता है और उसकी आर्थिक स्थिति में सुधार करता है। 

इस योग का प्रभाव व्यक्ति के लिए यह हो सकता है:
- धन संबंधी समस्याओं में सुधार होना।
- आर्थिक स्थिति में स्थिरता और समृद्धि आना।
- व्यापार में सफलता और व्यवसाय में वृद्धि होना।
- आर्थिक लाभों का समर्थन और वृद्धि होना।
-यह योग व्यक्ति की कुंडली में स्थिति के अनुसार अलग-अलग प्रकार का प्रभाव दिखा सकता है, लेकिन सामान्य रूप से यह धन संबंधी विषयों में संवृद्धि और समृद्धि की दिशा में प्रभावशाली होता है।
- कुबेर योग के प्रभाव की विस्तृत जानकारी के लिए व्यक्ति की व्यक्तिगत कुंडली की गहराईयों में देखना चाहिए, क्योंकि यह योग कुंडली के अन्य ग्रहों और भावों के संयोगों के साथ भी संबंधित हो सकता है।

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